| लेबनान में ईसाई कमांडर को बढ़त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान में हो रहे संसदीय चुनाव के महत्वपूर्ण तीसरे दौर के मतदान के नतीजों में पूर्व ईसाई सैन्य कमांडर मिशेल आऊन को काफ़ी बढ़त मिल रही है. मिशेल आऊन कई साल तक देश से बाहर राजनीतिक बनवास में रहने के बाद हाल ही में लेबनान लौटे थे. ग़ौरतलब है कि पिछले क़रीब तीस साल में यह पहला मौक़ा है जब लेबनान में सीरियाई सैनिकों की मौजूदगी के बिना संसदीय चुनाव हो रहे हैं. अभी तक तीन दौर का मतदान हो चुका है और अंतिम दौर का मतदान रविवार 19 जून को होना है. रविवार, 12 जून को हुए मतदान के आधिकारिक नतीजे सोमवार देर शाम तक मिलने की संभावना है. लेकिन सीरिया विरोधी मुख्य विपक्षी नेता वलीद जुम्बलत ने ईसाई बहुल इलाक़ों में पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली है. तीसरे दौर में लेबनान के मध्यवर्ती इलाक़ों में मतदान हुआ था और इसमें लगभग आधी सीटें दाव पर थीं. संवाददाताओं का कहना है कि सीरिया विरोधी विपक्षी दलों की बड़े पैमाने पर हार से हो सकता है कि नई संसद में उनका बहुमत नहीं बन सके. ईसाई बहुल इलाक़ों में बढ़त हासिल करने वाले मिशेल आऊन भी सीरियाई सैनिकों की मौजूदगी के आलोचक रहे हैं और उन्होंने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ भी अभियान चलाया. उनका कहना है, "लेबनान में सीरिया के प्रभाव का मुद्दा अब ठंडे बस्ते में डाल देना चाहिए." उधर सीरिया समर्थक हिज़बुल्ला संगठन के समर्थन वाले उम्मीदवारों ने शिया बहुल इलाक़ों में अच्छा प्रदर्शन किया है. तीसरे दौर के मतदान में एक तरह से सीरिया समर्थकों और सीरिया विरोधी उम्मीदवारों के बीच काँटे की टक्कर थी. तीसरे दौर के मतदान में लगभग 50 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जोकि पिछले दो दौर के मतदान से अधिक था. संसद की कुल 128 सीटों के लिए मतदान हो रहा है जिनमें से तीसरे दौर के मतदान में 58 सीटें दाव पर थीं. |
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