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लेबनान में संसदीय चुनाव का पहला चरण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान में पिछले तीस साल में सीरियाई सैनिकों की मौजूदगी के बिना पहली बार हुए संसदीय चुनाव के लिए रविवार को मतदान हुआ. मतदान का पहला चरण सिर्फ़ राजधानी बैरूत में ही हुआ. देश के बाक़ी हिस्सों में अगली तीन रविवारों को मतदान के बाक़ी दौर होंगे. कुल चार चरणों में 128 सीटों के लिए चुनाव होने हैं जिसमें मुसलमान और इसाई बराबर संख्या में भाग ले रहे हैं. कहा जा रहा है कि इस चुनाव में सीरिया विरोधी लोगों को बड़ी सफलता मिल सकती है. बेरूत की 19 सीटों में से 9 सीटें पहले ही विपक्षी दल ने निर्विरोध चुन ली हैं. विपक्षी दल का नेतृत्व साद हरीरी के हाथों में है जो पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी के बेटे हैं. उल्लेखनीय है कि गत फ़रवरी में रफ़ीक हरीरी की हत्या कर दी गई थी. इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने सीरिया को दोषी ठहराया था. इसी के बाद से सीरियाई सेना को लेबनान से हटाने के लिए लोगों ने बड़े प्रदर्शन और रैलियाँ की थीं. दक्षिण लेबनान में अगले रविवार को संसद के लिए मतदान होगा. कहा जा रहा है कि वहाँ भी चुनावी संघर्ष ज़्यादा नहीं है. बीबीसी संवाददाता जिम मुइर का कहना है कि लेबनान में जिस तरह शांति से यह सब संपन्न हो रहा है वह अरब देशों में दुर्लभ ही है. |
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