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लेबनान में विपक्ष ने जीत का दावा किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लेबनान में सीरियाविरोधी मुख्य विपक्षी गठजोड़ ने चौथे और अंतिम दौर के चुनाव में जीत का दावा किया है. हालांकि रविवार के मतदान में डाले गए वोटों की गिनती अभी पूरी नहीं हुई है. इस दौर में 28 सीटों पर मतदान हुए थे. ये सारी सीटें देश के उत्तरी हिस्से में हैं. सीरिया विरोधी दलों के गठबंधन का नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक हरीरी के बेटे साद हरीरी कर रहे हैं. रफ़ीक हरीरी की हत्या कर दी गई थी. विपक्षी गठजोड़ का मुक़ाबला सेना के पूर्व जनरल और पूर्व प्रधानमंत्री मिशेल आऊन के गठबंधन से है जिसने कि पहले के दौर के मतदान में बढ़त लेकर सबको हैरान कर दिया था. हरीरी के गठबंधन ने नई संसद में बहुमत मिलने का भरोसा व्यक्त किया है. महत्वपूर्ण चुनाव लेबनान का ये आम चुनाव इस बार विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस वर्ष सीरियाई सैनिकों के लेबनान से निकलने के बाद पहली बार वहाँ चुनाव हो रहे हैं. उल्लेखनीय है कि सीरिया के सैनिक पिछले 30 वर्षों से लेबनान में मौजूद थे लेकिन इस वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की हत्या के बाद लेबनान में सीरिया का ज़बरदस्त विरोध शुरू हो गया. सीरिया पर हत्या की साज़िश रचने का आरोप लगाया गया था. लेबनान में विरोध और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण अंततः सीरिया ने लेबनान से अपनी सेना हटा ली. सीरिया ने 1989 में लेबनान में 15 वर्षों तक चले गृहयुद्ध की समाप्ति में भूमिका निभाई थी और गृहयुद्ध की समाप्ति के समय हुए समझौते के तहत ही उसके सैनिक लेबनान में बने हुए थे. |
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