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'ग़ज़ा से वापसी जल्दी हो सकती है' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के उप प्रधान मंत्री का कहना है कि ग़ज़ा पट्टी से इसराइली सैनिकों की वापसी निर्धारित समय से पहले भी हो सकती है. एहुद ओलमर्त ने कहा कि वह इस बात की हिमायत करेंगे ताकि वहाँ बसे हुए लोगों के विरोध का और अधिक सामना करने से बचा जा सके. ग़ज़ा में तीन दिन का विरोध आयोजित करने के लिए होने वाला मार्च कल रात टाल दिया गया लेकिन उससे पहले लोगों को प्रवेश करने से रोकने के लिए वहाँ 20 हज़ार पुलिस कर्मचारियों और सैनिकों की तैनाती हो चुकी थी. एहुद ओलमर्त ने यह नहीं कहा कि अगस्त के मध्य में होने वाली सैनिकों की वापसी अब कब से शुरू होगी. अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को अमरीकी विदेश मंत्री कौंडोलीज़ा राइस की यात्रा के दौरान इस विषय पर बातचीत हो सकती है. इसराइली उप प्रधानमंत्री ने सरकारी रेडियो पर कहा, पिछले कुछ दिनों के प्रदर्शनों को देखते हुए मैं, निजी तौर पर, सैनिकों की जल्द वापसी के पक्ष में हूँ. पहले यह वापसी 22 जुलाई से शुरू होनी थी लेकिन फिर इसे अगस्त तक के लिए टाल दिया गया क्योंकि पहले तय की गई तारीख़ यहूदियों के एक तीन सप्ताह तक जारी रहने वाले शोक समारोह के बीच में पड़ रही थी. वैसे आलोचकों का कहना है कि यह देरी इस लिए की गई क्योंकि तैयारियों में तयशुदा समय से ज़्यादा वक़्त लग रहा था. लेकिन उप प्रधानमंत्री का कहना है कि प्रदर्शनों को टालने के लिए यह जल्दबाज़ी की जा रही है. इस हफ़्ते हज़ारों इसराइलियों ने उस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया जिसके तहत प्रदर्शनकारी ग़ज़ा में स्थित सबसे बड़ी यहूदी बस्ती जाने का इरादा कर रहे थे. |
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