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अब्बास की क़ानून-व्यवस्था पर चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा से इसराइली सैनिकों की वापसी पूरी होने के एक दिन बाद फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा है कि क़ानून और व्यवस्था की ख़राब होती स्थिति को रोकने के लिए वह यथासंभव प्रयास करेंगे. टेलीविज़न पर संबोधन में महमूद अब्बास ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज के बाद अशांति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. महमूद अब्बास ने कहा, " कोई भी क़ानून से ऊपर नहीं है." उनके इस संबोधन को चरमपंथियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है जो उनके सत्ताधिकार को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं. महमूद अब्बास ने इसराइल से भी कहा कि वह पश्चिमी तट और पूर्वी येरूशलम से भी अपना क़ब्ज़ा हटाए. महमूद अब्बास ने कहा, "आज गज़ा, कल पश्चिमी तट और येरूशलम." दूसरी तरफ़ ग़ज़ा पट्टी में ख़ाली यहूदी बस्ती नीव डेकालिम में ख़ाली पड़े घरों में सैकड़ों फ़लस्तीनियों ने घुसने की कोशिश की, हालाँकि फ़लस्तीनी अधिकारियों ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन नाकाम रहे. बहुत से लोग ख़ाली पड़े घरों में पड़ा सामान भी उठा कर ले गए. लेकिन पुलिस के गोली चलाने के बावजूद भीड़ को सामान वग़ैरा उठाने से नहीं रोका जा सका. ग़ज़ा पट्टी और मिस्र के बीच की सीमा रेखा वाले क्षेत्र में भी कुछ गड़बड़ी देखी गई. हज़ारों फ़लस्तीनी सिगरेट, दवाइयाँ वग़ैरा सस्ते दामों पर ख़रीदने के लिए बसों में बैठकर मिस्र की तरफ़ चले गए, सुरक्षा बलों को उन्हें रोकने के लिए ख़ासी मशक्कत करनी पड़ी. बाद में फ़लस्तीनी प्रशासन ने स्थानीय समय के अनुसार आधी रात से सीमा चौकी को बंद करने का ऐलान किया. |
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