| 'पश्चिमी तट से सब बस्तियाँ नहीं हटेंगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि इसराइल फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में कुछ यहूदी बस्तियों का नियंत्रण छोड़ देगा और ऐसा फ़लस्तीनियों के साथ अंतिम शांति समझौते के तहत किया जाएगा. अरियल शेरॉन ने सोमवार को कहा कि पश्चिमी तट की प्रमुख यहूदी ठिकाने इसराइल के ही नियंत्रण में रहेंगी, अलबत्ता कुछ बस्तियों का नियंत्रण छोड़ दिया जाएगा. शेरॉन ने कहा कि इस बारे में अंतिम नक्शा फ़लस्तीनियों के साथ अंतिम दौर की शांति वार्ता के बाद ही तैयार किए जा सकते हैं और अब इकतराफ़ा तौर पर कोई बस्ती नहीं हटाई जाएगी. ग़ौरतलब है कि इसराइल ने फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी से तमाम यहूदी बस्तियाँ हटाने का काम कुछ ही दिन पहले पूरा किया है. उसके बाद पश्चिमी तट से भी चार यहूदी बस्तियाँ हटाई गई हैं. शेरॉन ने सोमवार को टेलीविज़न पर कहा, "जूडी और समारिया की सभी बस्तियों में से कुछ को हटा लिया जाएगा." शेरॉन ने ज़ोर देकर कहा कि येरूशलम के पूर्वी हिस्से में माले एडुमिम या पश्चिमी तट में के केंद्र में कुछ बस्तियाँ नहीं छोड़ी जाएंगी, हालाँकि उन्होंने उन बस्तियों का नाम नहीं बताया. शेरॉन ने कहा, "ये बस्तियाँ हमारे ही नियंत्रण में ही रहेंगी और इन्हें इसराइल का ही क्षेत्र माना जाएगा. ये बस्तियाँ इसराइल के लिए सामरिक महत्व की है." लेकिन येरूशलम में बीबीसी संवाददाता जेम्स रेनॉल्ड्स का कहना है कि पश्चिमी तट से निकट भविष्य में और यहूदी बस्तियों के हटाए जाने की कम ही संभावना है क्योंकि अभी शांति वार्ता की योजना पर बात होनी है. पश्चिमी तट में क़रीब 120 यहूदी बस्तियाँ हैं जिनमें क़रीब साढ़े चार लाख यहूदी रहते हैं. इनमें पश्चिमी येरूशलम का इलाक़ा भी शामिल है. |
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