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'इसराइल पर रॉकेट दागे गए' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने ग़ज़ा पट्टी में यहूदी बस्तियाँ हटाने का काम पूरा होने के तीन दिन बाद इसराइल को निशाना बनाते हुए रॉकेट दागे हैं. ग़ौरतलब है कि इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी से सभी यहूदी बस्तियाँ हटा ली हैं और कुछ यहूदी बस्तियाँ पश्चिमी तट से भी हटाई गई हैं. इसराइली सेना के अधिकारियों ने कहा कि एक रॉकेट इसराइल के दक्षिणी शहर स्देरोट के पास गिरा और दूसरा ग़ज़ा के अंदर ही गिरा. इससे पहले बुधवार रात को इसराइली सैनिकों ने पश्चिमी तट में तुलकरम शरणार्थी शिविर में एक फ़लस्तीनी मकान पर छापा मारा था जिसमें पाँच फ़लस्तीनी मारे गए थे. इसराइली सूत्रों का कहना है कि उन पाँचों लोगों के पास हथियार थे और उनमें से एक व्यक्ति तो चरमपंथी संगठन इस्लामी जेहाद का एक नेता था. फ़लस्तीनियों ने कहा है कि मारे गए पाँच लोगों में से दो तो चरमपंथी संगठन के सदस्य थे लेकिन बाक़ी तीन किशोर थे और उनके पास हथियार भी नहीं थे. फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई ने पश्चिमी तट के एक शरणार्थी शिविर तुलकरम में इसराइली सैनिकों के छापे और गोलीबारी में पाँच फ़लस्तीनियों के मारे जाने की घटना की निंदा की है. क़ुरई ने कहा है कि इसराइली कार्रवाई से यह नज़र आता है कि इसराइल शांति नहीं चाहता है. कुरई ने इस घटना को नृशंस हत्याकांड बताते हुए इसकी निंदा की है. उन्होंने कहा कि इसराइल तुलकरण जैसी घटनाओं और अपनी नीतियों के ज़रिए पश्चिमी तट मालेह अडूमीम के आसपास की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करना चाहता है ताकि फ़लस्तीनी राष्ट्र बनने और शांति स्थापनी की कोई संभावना ना बची रहे. इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन कह चुके हैं कि पश्चिमी तट में यहूदी बस्तियों का निर्माण कार्य जारी रहेगा, साथ ही शेरॉन और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियाँ हटाने के बाद के माहौल में बातचीत फिर से शुरू होने और नए सहयोग की उम्मीद जताई है. |
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