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आतंकवाद विरोधी क़ानून पर सहमति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों में लंदन धमाकों के बाद आतंकवाद की रोकथाम के लिए किए जानेवाले प्रयासों में तेज़ी लाने पर सहमति हुई है. इस संबंध में नए क़ानून लाए जाने के लिए इस वर्ष अक्तूबर में ब्रिटेन की संसद के दोनों सदनों, हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स और हाउस ऑफ़ कॉमंस में एक विधेयक लाया जाएगा. आतंकवाद पर रोक लगाने के लिए नया क़ानून उम्मीद से छह महीने पहले इस वर्ष दिसंबर तक लागू हो सकता है. ब्रिटेन की लेबर पार्टी की सरकार के गृह मंत्री चार्ल्स क्लार्क ने इस संबंध में सोमवार को विपक्षी दलों, कंज़र्वेटिव पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट्स के नेताओं से मुलाक़ात की. चार्ल्स क्लार्क ने ऐसे क़ानून बनाने का प्रस्ताव किया है जिनके तहत आतंकवादी गतिविधियों की तैयारी करना, इसके लिए प्रशिक्षण देना और अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवादी गतिविधियों को उकसाना अपराध माना जाएगा. उधर ब्रिटेन के अधिकारियों ने कहा है कि ब्रिटेन के वित्त मंत्री गोर्डन ब्राउन लंदन बम धमाकों में घायल होनेवालों को मुआवज़ा देने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए तीन करोड़ 40 लाख डॉलर की अतिरिक्त राशि की व्यवस्था करेंगे. साथ ही गोर्डन ब्राउन चरमपंथी गुटों के अवैध रूप से पैसे के लेन-देन पर रोक लगाने के लिए भी एक योजना बनाने की तैयारी कर रहे हैं. पाकिस्तान की पुष्टि इस बीच पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि सात जुलाई को लंदन में बम धमाके करनेवाले चार संदिग्ध हमलावरों में से तीन ने पाकिस्तान की यात्रा की थी. पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन तीनों व्यक्तियों के वहाँ पहुँचने की तारीख़ और स्थान का ब्यौरा दे दिया है. कराची में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब मुख्य प्रश्न इस बात का पता लगाना होगा कि तीनों व्यक्तियों ने पाकिस्तान में क्या किया, किनसे मिले और क्या वे मदरसों में गए थे. मुस्लिम समुदाय इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर मंगलवार को पूरे ब्रिटेन से आए मुस्लिम नेताओं से मिलने जा रहे हैं. विपक्षी दलों के भी नेता इस समय मौजूद रहेंगे. सोमवार को पूरे ब्रिटेन के 500 से भी अधिक मुस्लिम विद्वानों ने आत्मघाती हमलों के विरोध में एक फ़तवा जारी किया. मुस्लिम इमाम ब्रिटेन की संसद गए और वहाँ जाकर कहा कि लंदन में बम हमले करना पूरी तरह से इस्लाम के ख़िलाफ़ है. फ़तवे में कहा गया है कि जिन लोगों ने ये बर्बर काम किया है वे अपराधी हैं, ना कि शहीद. लंदन बम धमाकों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है जिनमें चार संदिग्ध हमलावर भी शामिल हैं. |
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