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'अल नशर का अल क़ायदा से संबंध नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मिस्र सरकार ने कहा है कि रसायनशास्त्र के जिस वैज्ञानिक को लंदन बम धमाकों में हाथ होने के संदेह में काहिरा से गिरफ़्तार किया गया है उनका अल क़ायदा से कोई संबंध नहीं है. मिस्र के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री हबीब अल अदली ने कहा कि इस वैज्ञानिक अल नशर को लंदन बम धमाकों से जोड़ने वाली तमाम ख़बरें बेबुनियाद हैं. अल नशर ने मिस्र के अधिकारियों को बताया है कि उनका लंदन बम धमाकों से कुछ लेना देना नहीं है. अल नशर ने कहा कि वह छुट्टियाँ बिताने के लिए मिस्र में है और वापस इंग्लैंड लौटना चाहता है जहाँ उनका सबकुछ है. काहिरा में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा बहुत कम होता है कि मिस्र के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री हिरासत में लिए गए किसी व्यक्ति के दोषी या निर्दोष होने के बारे में इस तरह से सफाई पेश करें. संवाददाता का कहना है कि ब्रितानी सुरक्षा अधिकारियों ने अल नशर से हुई पूछताछ की निगरानी की और मिस्र के अधिकारी जाँच में मदद के लिए अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि अल नशर को उनके साथियों ने जुलाई में ब्रिटेन के शहर लीड्स में देखा था. ब्रिटिश पुलिस लीड्स में मोहम्मद अल नशर से संबंधित घर की तलाशी ले रही है. हालाँकि उन्हें आधिकारिक रूप से संदिग्ध क़रार नहीं दिया गया है. कहा जाता है कि मोहम्मद अल नशर ने लीड्स से रसायनशास्त्र में पीएचडी की है. बीबीसी संवाददाता का कहना था कि मोहम्मद अल नशर का इस मामले से संबंध अभी तक अस्पष्ट है लेकिन यह जानकारी मिली है कि उन्होंने बम विस्फोट करने वालों को लीड्स के एक मकान की चाबियाँ सौंपी थीं. इधर जाँच से पता चला है कि लीड्स के एक घर से मिले विस्फोटक देसी थे. पुलिस ने शुरूआत में माना था कि हमलों में सेना द्वारा इस्तेमाल किया जानेवाले विस्फोटक इस्तेमाल किए गए थे. इस विस्फोटक के इस्तेमाल में बेहद सावधानी की ज़रूरत होती है. |
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