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संदिग्ध हमलावरों की आम ज़िंदगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में सात जुलाई, 2005 को हुए बम धमाकों के सिलसिले में पुलिस ने कहा है कि जिन तीन संदिग्ध हमलावरों की पहचान की है वे उत्तरी इंगलैंड के वेस्ट योर्कशर में लीड्स के रहने वाले थे. पुलिस की जाँच के अनुसार ये तीनों हमलावर धमाकों में ही मारे गए. शुरू में हो सकता है उन्हें भी बम धमाकों के प्रभावितों की ही तरह समझा गया हो लेकिन अब उन्हें ब्रिटेन के पहले आत्मघाती धमाकों के हमलावर बताया जा रहा है. उनके बारे में मिली व्यक्तिगत जानकारी से पता चलता है कि वे तीनों एक सादा जीवन जीते थे जैसा कि किसी छोटे शहर में होता है. शहज़ाद तनवीर 22 वर्षीय शहज़ाद तनवीर का जन्म ब्रिटेन के ब्रेडफ़र्ड में हुआ था जहाँ दक्षिण एशियाई आबादी प्रमुखता से बसी है. शहज़ाद का परिवार जन्म के कुछ समय बाद लीड्स के बीस्टन इलाक़े में चला गया था. शहज़ाद लीड्स मेट्रोपोलिटन विश्वविद्यालय में खेल विज्ञान का छात्र था और उसके दोस्तों के मुताबिक वह क्रिकेट का दीवाना था. हालाँकि शहज़ाद को 2004 में ख़राब व्यवहार के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था और चेतावनी भी दी गई थी.
शहज़ाद तनवीर के पिता एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति हैं और लीड्स में उनका रेस्टोरेंट का कारोबार है. शहज़ाद के एक रिश्तेदार 65 वर्षीय बशीर अहमद का कहना है कि उनका परिवार इस ख़बर पर चकित और सदमे में है कि लंदन हमलों में शहज़ाद का हाथ हो सकता है. शहज़ाद तनवीर के बारे में बशीर अहमद का कहना था, "वह ब्रिटिश होने पर गर्व करता था. अच्छी ज़िंदगी जाने के लिए उसके पास सबकुछ था. वह एक शांतिप्रिय और दयालु व्यक्ति था. सभी लोग उसकी इज़्ज़त करते थे." शहज़ाद के एक दोस्त का कहना था कि वह उसके साथ लंदन बम धमाकों वाले सप्ताह में ही क्रिकेट खेला था और "शहज़ाद इस तरह का लड़का था जो ऐसी घटनाओं की निंदा करता." हसीब हुसैन लंदन बम धमाको में दूसरे संदिग्ध का नाम बताया गया है हसीब हुसैन. लीड्स में शहज़ाद के घर से कुछ ही दूरी पर हसीब हुसैन का घर है. 18 वर्षीय हसीब को बचपन से शहज़ाद तनवीर का अच्छा दोस्त बताया गया है और दो साल पहले उसका रुझान कुछ धार्मिक हो गया था. 2004 में उसे एक दुकान में चोरी के इल्ज़ाम में गिरफ़्तार किया गया और चेतावनी दी गई थी.
एक पड़ोसी ने हसीब हुसैन के परिवार को 'बहुत अच्छे लोग' क़रार देते हुए कहा, "हम उन्हें जानते थे लेकिन मैं कहूँगा कि बहुत घनिष्ठता से नहीं. यह बहुत अच्छा परिवार है." हसीब हुसैन ने अपने परिवार से कहा था कि वह अपने कुछ दोस्तों से मिलने लंदन जा रहा है लेकिन जब गुरूवार को यानी बम धमाके वाले दिन वह घर नहीं लौटा तो उसके घर वालों को चिंता हुई और उन्होंने पुलिस में उसके लापता होने की ख़बर दर्ज कराई. पुलिस ने संभावना व्यक्त की है कि हसीब हुसैन लंदन की उस बस नंबर-30 में सवार था जिसमें धमाका हुआ. पुलिस के अनुसार हसीब हुसैन का ड्राइविंग लाइंसेंस और बैंक कार्ड बस के मलबे में से मिले थे. सादिक ख़ान लंदन बम धमाकों के तीसरे संदिग्ध हमलावर का नाम है मोहम्मद सादिक ख़ान जिन्हें लीड्स से कुछ मील की दूरी पर बसे इलाक़े डेव्सबरी का निवासी बताया गया है. सादिक ख़ान के बारे में कहा गया है कि वह एक शादीशुदा व्यक्ति थे जिनकी आठ महीने की एक बेटी है. मोहम्मद सादिक ख़ान पहले बीस्टन में रहते थे और पाँच महीने पहले ही डेव्सबरी इलाक़े में रहने आए थे. पड़ोसियों का कहना है कि मोहम्मद सादिक ख़ान विकलांगों के कल्याण के लिए काम करते थे और उनकी पत्नी शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय हैं. एक महिला पड़ोसी का कहना था कि उसने इस दंपत्ति को लंदन बम धमाकों से कुछ दिन पहले देखा था, "वे दोनों एक शांतिप्रिय दंपत्ति नज़र आते थे." एक अन्य पड़ोसी ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उनकी कोई धार्मिक पृष्ठभूमि रही है. मैं स्थानीय मस्जिद में जाता हूँ, मैंने मोहम्मद सादिक ख़ान को मस्जिद में कभी नहीं देखा." पुलिस के अनुसार मोहम्मद सादिक ख़ान के शिनाख़्ती दस्तावेज़ एजवेयर रोड भूमगत रेल स्टेशन पर हुए बम धमाके के मलबे में पाए गए. |
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