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मुस्लिम नेताओं से बातचीत करेंगे ब्लेयर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि सात जुलाई को लंदन में हुए धमाके कोई अलग तरह की राजनीतिक घटना नहीं थे बल्कि वे उस अतिवादी और बुरी विचारधारा की उपज हैं जिसकी जड़ें इस्लाम की ग़लत व्याख्या में बैठी हैं. प्रधानमंत्री ब्लेयर का कहना था कि ब्रितानी सरकार तत्काल मुस्लिम समुदाय के नेताओं से बातचीत करेगी ताकि हाल के धमाकों जैसी घटनाएँ दोबारा न हों. ब्रितानी संसद में बुधवार को सांसदों के सवालों के जवाब देते हुए ब्लेयर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय से बात होगी कि इस्लाम की ग़लत व्याख्या से किस तरह मुक़ाबला किया जाए. ब्लेयर ने कहा, "हमारा सामना किसी सामान्य आपराधिक घटना से नहीं है. यह एक अतिवादी और बुरी विचारधारा है जिसकी जड़ें इस्लाम की ग़लत और ख़तरनाक व्याख्या में निहित हैं." टोनी ब्लेयर ने कहा कि सरकार इस साल के अंत में लाए जाने वाले आतंकवाद निरोधक क़ानून पर भी विचार विमर्श करने जा रही है ताकि ऐसे प्रावधान शामिल किए जा सकें जिनमें आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले और नफ़रत फैलाने वालों से निपटा जा सके. व्यापक उपाय टोनी ब्लेयर ने कहा कि सरकार ऐसी प्रक्रिया को भी मज़बूत करने का इरादा कर रही है जिसमें ऐसे लोगों को ब्रिटेन से बाहर रखा जा सके जो नफ़रत फैला सकते हैं. ब्लेयर ने कहा, "हम तत्काल इस बात पर विचार करेंगे कि घृणा फैलाने वालों को कैसे ब्रिटेन पहुँचने से रोका जाए, और यदि ऐसे लोग ब्रिटेन आने में सफल रहते हैं तो कैसे उन्हें देश से निकाला जाए." इस बीच ब्रिटेन के चार मुस्लिम सांसदों ने लंदन में हुए धमाकों के बाद की स्थिति पर विचार करने के लिए प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से मुलाक़ात की है. वेस्ट योर्कशर से सांसद शाहिद मलिक ने इस मुलाक़ात से पहले कहा कि लंदन बम धमाकों ने ब्रिटेन के मुस्लिम समुदाय के सामने एक कठिन चुनौती खड़ी कर दी है लेकिन मुस्लिम समुदाय उन लोगों के ख़िलाफ़ लड़ेगा जो इस तरह की गतिविधियों के लिए ज़िम्मेदार हैं. इससे पहले ब्रिटेन की मुस्लिम काउंसिल ने लंदन बम धमाकों में ब्रितानी मुसलमानों का संदिग्ध हाथ होने की ख़बरों पर चिंता व्यक्त की थी. |
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