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बुश ने कहा संघर्ष जारी रहेगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि गुरूवार को लंदन में हुए बम धमाके 'सभ्य समाज पर हमला' हैं और ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इन हमलों के बाद एक ही रास्ता रह गया है, वो यह है कि "हम दुश्मन तक पहुँचकर उससे निबटें और हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक हम उन्हें हरा नहीं देते." उन्होंने अमरीका की केंद्रीय जाँच एजेंसी एफ़बीआई के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लंदन के हमलों के बाद आतंकवाद के ख़िलाफ़ आक्रामक लड़ाई की ज़रूरत और स्पष्ट हो गई है. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, "अमरीका की रक्षा करने का सबसे अच्छा तरीक़ा आक्रामक रूख़ अपनाना है." इराक़ अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में अमरीकी सैनिकों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए बुश ने कहा कि बुश ने कहा कि अल क़ायदा से निबटने का यही तरीक़ा है कि हमेशा वे छिपते फिरें. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि "हमेशा छिपते रहने वाले आतंकवादी हमारे ऊपर हमला करने की साज़िश नहीं कर सकते इसलिए हम हमेशा पहले आक्रमण करने की नीति अपना रहे हैं." लगभग एक हज़ार एफ़बीआई अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अमरीका की जनता इस दुख की घड़ी में ब्रिटेन की जनता के पूरी तरह साथ है. उन्होंने कहा, "इस संकट की घड़ी में ब्रिटेन की जनता को मालूम होना चाहिए कि अमरीकी जनता उनके साथ है, हम हत्यारी विचारधारों के ख़िलाफ़ लड़ाई में एकजुट हैं." इराक़ में अमरीकी सैनिकों की मौजूदगी को सही ठहराते हुए बुश ने कहा कि "इराक़ में आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई न सिर्फ़ उस क्षेत्र के लिए बल्कि अमरीका की सुरश्रा के लिए ज़रूरी है." लंदन में हुए बम धमाकों में अब तक कम से कम 52 लोग मारे गए हैं और ये धमाके उसी वक़्त हुए थे जब जॉर्ज बुश सहित दुनिया के कई देशों के शीर्ष नेता जी-8 की बैठक में भाग लेने के लिए स्कॉटलैंड में मौजूद थे. |
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