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मुस्लिम नेताओं ने हमले की निंदा की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रमुख मुस्लिम नेताओं ने लंदन में हुए आत्मघाती हमलों की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए इसे एक आपराधिक और ग़ैरइस्लामी कार्रवाई कहा है. लंदन के इस्लामी सेंटर में 22 मुस्लिम नेताओं और बुद्धिजीवियों ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि निर्दोष लोगों की जान लेने का कोई बहाना हो ही नहीं सकता है. नेताओं ने समाज में सकारात्मक कार्यों पर ज़ोर देने का आह्वान किया ताकि युवाओं की ऊर्जा का रचनात्मक कार्यों में उपयोग हो सके. आत्मघाती हमलों के बारे में ब्रितानी मुस्लिम नेताओं ने कहा, "किसी निर्दोष व्यक्ति की जान लेने का कोई बहाना हो ही नहीं सकता है. कुरान में साफ लिखा है कि किसी निर्दोष को मारना पूरी मानवता की हत्या करने के समान है, इसी तरह किसी की जान बचाना मानवता को बचाने के बराबर है." लंदन में सात जुलाई को हुए चार आत्मघाती हमलों में मरने वालों की संख्या 50 को पार कर चुकी है. हमलों में क़रीब 700 लोग घायल भी हुए थे. दोषियों को सजा ब्रिटेन के मुस्लिम नेताओं ने शुक्रवार को कहा कि लंदन में हमलों की साज़िश करने वालों को क़ानून के कटघरे में लाने के लिए मुस्लिमों और ग़ैरमुस्लिमों दोनों को आगे आना चाहिए. बयान में कहा गया, "पिछले सप्ताह के हमलों में हताहत लोगों को न्याय दिलाना इस्लाम के तहत एक दायित्व बन जाता है." इससे पहले मुस्लिम काउंसिल ऑफ़ ब्रिटेन के प्रमुख सर इक़बाल सैकरैनी ने ऐसे क़दम उठाए जाने की ज़रूरत बताई कि जिसके बाद इस तरह के हमले संभव नहीं हो सके. सैकरैनी ने शुक्रवार को लीड्स में मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाक़ात की. उल्लेखनीय है कि लंदन हमलों में शामिल चार आत्मघाती हमलावरों में से तीन यहीं के थे. |
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