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'जाँच में महीनों लग सकते हैं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की पुलिस का कहना है कि लंदन बम धमाकों की साज़िश रचने वालों और इसमें वित्तीय मदद करने वालों का पता लगाने में महीनों का समय लग सकता है. सात जुलाई को लंदन में तीन भूमिगत रेलों और एक बस में धमाके हुए जिनमें मारे गए लोगों की संख्या 54 हो गई है. पुलिस ने छह दिनों के अंदर चार संदिग्ध हमलावरों की पहचान तो कर ली लेकिन बम धमाकों की जाँच में जुटी आतंकवाद निरोधक पुलिस का कहना है कि पूरी जानकारी जुटाने में महीनों लग सकते हैं. इस बीच पुलिस ने चौथे संदिग्ध हमलावर के बारे में और जानकारी जुटाई है. पुलिस का कहना है कि जमैका मूल का यह व्यक्ति भी ब्रितानी नागरिक है. लंदन के उत्तर में स्थित एल्सबरी के एक घर में फ़ॉरेन्सिक जाँच जारी है. माना जा रहा है कि चौथा संदिग्ध हमलावर यहीं रहता था. दूसरी ओर लीड्स में भी एक संदिग्ध हमलावर के घर की तलाशी जारी है. एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उसे बताया गया है कि इस हमलावर के घर से मिली विस्फोटक सामग्री घर में ही बनाई गई थी. इस्तेमाल बीबीसी संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार ये विस्फोटक सामग्री ऐसी है जिसे अल क़ायदा से जुड़ी कई घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता है.
पहले ये कहा गया था कि लंदन धमाकों में इस्तेमाल हुए विस्फोटक सेना के पास मौजूद विस्फोटकों जैसे थे. ब्रितानी पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि लंदन धमाकों के तीन संदिग्ध हमलावर वेस्ट यॉर्कशर में रहते थे. शुक्रवार को वरिष्ठ मुसलमान प्रतिनिधि इस इलाक़े का दौरा कर रहे हैं. ग्रेट ब्रिटेन मुस्लिम काउंसिल के प्रमुख इक़बाल सकरानी इस प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे हैं. ये लोग स्थानीय निवासियों, पुलिस अधिकारियों और विभिन्न सामुदाय के नेताओं से मिलेंगे. सर इक़बाल सकरानी ने बताया कि वे लोगों से बात करना चाहते हैं और लोगों की सुनना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि यह ब्रितानी मुसलमानों की ज़िम्मेदारी है कि वे समुदाय में अतिवादी तत्वों की भूमिका के बारे में जानकारी हासिल करें. लीड्स स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लीड्स में इस बात को लेकर चिंता है जो हुआ और साथ में इसको लेकर भी चिंता है कि आगे क्या होगा. |
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