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शनिवार, 09 जुलाई, 2005 को 04:36 GMT तक के समाचार
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बड़ा जाँच अभियान, अपनों की तलाश भी
लंदन
परिजन अपनों की तलाश कर रहे हैं
लंदन पुलिस ने गुरूवार को हुए बम धमाकों के मामले में एक बड़ा जाँच अभियान शुरू किया है जिसमें बड़े पैमाने पर ख़ुफ़िया एजेंसियों और फ़ोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.

इन धमाकों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है.

स्पेन से एक जाँच दल लंदन रवाना हो रहा है जो मार्च 2004 में मैड्रिड में रेलगाड़ी में हुए भीषण धमाकों की जाँच में अपनी विशेषज्ञता लंदन पुलिस को मुहैया कराएगा.

इस बीच ज़मीन के क़रीब सौ फुट नीचे बने लंदन के भूमिगत रेल स्टेशन किंग्स क्रॉस में शव ऊपर पहुँचाने का काम जारी है.

पुलिस इन चार बम धमाकों के समय पर फिर से ध्यान दे रही है. पुलिस इस तथ्य पर ध्यान दे रही है कि सभी धमाके पाँच-पाँच मिनट के अंतराल पर हुए.

पहले पुलिस ने समझा था कि चारों धमाके 25 मिनट के भीतर हुए.

फ़ोरेंसिक जाँच दल भूमिगत रेल सुरंगों और अन्य घटनास्थलों पर तेज़ी से काम कर रहे हैं और वहाँ से जाँच क लिए नमूने इकट्ठे कर रहे हैं.

ये दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन धमाकों के लिए कौन से विस्फोटक और तरीक़ा इस्तेमाल किया गया.

मैट्रोपोलिटन पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, "अगले कुछ दिनों में बहुत कुछ काम होगा और फ़ोरेंसिक जाँच के लिए बहुत से नमूने इकट्ठे किए जाएंगे."

कैमरों की जाँच

लंदन में बड़ी संख्या में ऐसे कैमरे लगे हैं जिनमें हर समय रिकॉर्डिंग चलती रहती है और कोई भी संदिग्ध गतिविधि उनमें रिकॉर्ड हो जाती है. पुलिस सभी घटनास्थलों के आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग की जाँच में लग गई है.

लंदन पुलिस

पुलिस ने आम लोगों से कोई भी सूचना तुरंत देने की अपील की है जिसके लिए एक आतंकवाद निरोधक हॉटलाइन बनाई गई है.

मैट्रोपोलिटन पुलिस के आयुक्त सर इयन ब्लेयर ने कहा कि पुलिस इन बम धमाकों के ज़िम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है.

उन्होंने कहा, "ऐसी कोई भी ठोस सूचना या सबूत नहीं है जिसके आधार पर इसे आत्मघाती हमला बताया जा सके या इस संभावना को नकारा जा सके."

बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता फ्रेंक गार्डिनर का कहना है कि जाँच अधिकारी बहुत से सवालों का विश्लेषण कर रहे हैं.

"सबसे अहम सवाल ये है कि क्या हमलावर ब्रितानी ही थे, ब्रितानी आतंकवादी या फिर ये लोग हमला करने के लिए किसी अन्य देश से आए थे."

इस संभावना की भी जाँच की जा रही है कि बम बनाने वाला कोई विशेषज्ञ रहा होगा जिसने हमलावरों को समुचित दिशा निर्देश दिए होंगे.

तलाश

इस बीच धमाकों के बाद से लापता लोगों के परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में लगे हैं और जगह-जगह भटक रहे हैं.

लंदन में बने आपात केंद्र में ऐसे परिजनों के अब तक एक लाख से ज़्यादा टेलीफ़ोन आ चुके हैं.

रिश्तेदार और दोस्त अपने प्रियजनों की तलाश के लिए अस्पतालों में जा रहे हैं और उनके फ़ोटो घटनास्थल पर भी ले जाकर लोगों को दिखा रहे हैं.

इस बीच देश भर में प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया और लंदन में भी श्रद्धांजलि सभाएँ हुईं जिनमें हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया.

इस बीच लंदन में परिवहन व्यवस्था सामान्य हो रही है लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि भूमिगत रेल का जो हिस्सा धमाकों से प्रभावित हुआ उसे बहाल होने में कई सप्ताह का समय लग सकता है.

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