|
जी-8 पर बम धमाकों की गहरी छाया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हाँ ग्लेनईगल्स में सुबह जैसे ही लंदन में एक के बाद एक धमाकों की ख़बरें आनीं शुरू हुईं तो सनसनी फैल गई. लोग हतप्रभ होकर टीवी चैनलों के सामने खड़े हो गए. ब्रिटेन में आयरिश रिपब्लिकन आर्मी के कई साल पहले होने वाले हमलों के अलावा कभी इतना बड़ा हमला नहीं हुआ है. यहाँ ग्लेनईगल्स में तुरंत सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. सिर पर चिनूक हेलिकॉप्टर और दो अन्य हेलिकॉप्टरों की गश्त बढ़ गई. ये हेलिकॉप्टर पिछले कुछ दिनों से ग्लेनईगल्स होटल के आस पास ही उड़ते रहे हैं. ग्लेनईगल्स आने के रास्ते में पुलिस की मुस्तैदी और बढ़ गई, वाहनों की तलाशी और कड़ी हो गई. आम तौर पर ब्रिटेन की पुलिस अपने पास हथियार नहीं रखती है लेकिन कोई बड़ी घटना या हमले का अंदेशा होते ही स्थिति बदल जाती है. और यहाँ भी यही हुआ. ग्लेनईगल्स में भी जगह जगह काली वर्दी में हथियारबंद पुलिस नज़र आने लगी. जी आठ देशों के साथ भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आए और फिर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक कड़ा बयान दिया. वापसी इन धमाकों की ख़बर आने के बाद मेज़बान ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने लंदन लौटने की घोषणा कर दी. जी-8 ने ऐलान किया कि वह शुक्रवार तक किसी तरह की घोषणा नहीं करेगा, इसके बाद टोनी ब्लेयर की ग़ैर मौजूदगी में ही बातचीत शुरू हुई. इस बार जी-8 के एजेंडा पर सबसे ऊपर था--अफ्रीका से गरीबी निवारण और धरती के बढ़ते तापमान का मुद्दा. लेकिन लंदन में हुए धमाकों ने पूरे सम्मेलन को अपनी छाया में ले लिया है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||