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मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा की भावना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के मुस्लिम संगठनों ने लंदन में हुए चरमपंथी हमलों की निंदा की है. इसी के साथ ब्रितानी मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता भी व्यक्त की गई है. मुस्लिम काउंसिल ऑफ़ ब्रिटेन के प्रवक्ता इनायत बंगलावाला ने मुसलमानों से जुम्मे की नमाज़ में हमले में हताहत हुए लोगों के लिए प्रार्थना करने की अपील की है. काउंसिल के एक अन्य पदाधिकारी सर इक़बाल सैकरैनी ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवादियों ने ब्रिटेनवासियों के बीच फूट डालने की कोशिश की है. दूसरी ओर मुस्लिम एसोसिएशन ऑफ़ ब्रिटेन के अहमद शेख़ ने गुरुवार के हमलों के मद्देनज़र ब्रितानी मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने आशंका व्यक्त की कि मुसलमानों, ख़ासकर सिर पर स्कार्फ़ डालकर चलने वाली महिलाओं पर हमले हो सकते हैं. मुस्लिम न्यूज़ के संपादक अहमद वर्सी ने भी मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि लंदन के सबसे बड़े मुस्लिम इलाक़ों में से एक अल्डगेट के मुसलमानों को सतर्क रहना चाहिए. उल्लेखनीय है कि चार धमाकों में से एक ऑल्डगेट ईस्ट स्टेशन के पास हुआ था. वर्सी ने पुलिस से माँग की है कि मस्ज़िदों और इस्लामी स्कूलों के इर्दगिर्द सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए. उन्होंने कहा, "मुसलमानों को सतर्क रहना चाहिए. ख़ासकर मस्ज़िदों में सतर्कता बढ़ाई जानी चाहिए. मैं समझता हूँ पुलिस मस्ज़िदों और इस्लामी केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाएगी." |
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