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शनिवार, 09 जुलाई, 2005 को 08:29 GMT तक के समाचार
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केवल सुरक्षा प्रबंध ही काफ़ी नहीं-ब्लेयर
लंदन
सुरक्षा एजेंसियाँ ऐसे नमूने एकत्र कर रही हैं जो जाँच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि केवल सुरक्षा प्रबंधों से ही ब्रिटेन को हमलों से नहीं बचाया जा सकता बल्कि आतंकवाद के कारणों को जड़ से हटाना ज़रूरी है.

इस बीच लंदन में ख़ुफ़िया एजेंसियाँ और फ़ोरेंसिक विशेषज्ञ गहन छानबीन में जुटे हुए हैं.

ज़मीन के 100 फ़ीट से भी अधिक नीचे पड़े मलबों से महत्वपूर्ण प्रमाणों की तलाश की जा रही है.

अभी तक 49 शव बरामद किए गए हैं जबकि किंग्स क्रॉस और रसेल स्क्वायर स्टेशन पर एक भूमिगत रेलगाड़ी में अभी भी कई शव फंसे हो सकते हैं.

पुलिस का कहना है कि मरनेवालों की संख्या और अधिक हो सकती है.

अभी 25 से भी अधिक लोगो का कुछ पता नहीं है जबकि अस्पताल में भर्ती 100 घायल लोगों में से लगभग 30 लोगों की हालत चिंताजनक है.

सुरक्षा ही काफ़ी नहीं

 ये तो पता ही था कि आतंकवादी ब्रिटेन पर हमले की कोशिश करेंगे, दुःख की बात केवल ये है कि वे सफल हो गए
टोनी ब्लेयर

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने बीबीसी के रेडियो-4 के कार्यक्रम टूडे में एक इंटरव्यू में कहा है कि दुनिया में कोई भी निगरानी तंत्र किसी को बस में हमले कर निर्दोष लोगों की जान लेने से नहीं रोक सकता.

उन्होंने कहा,"ये तो पता ही था कि आतंकवादी ब्रिटेन पर हमले की कोशिश करेंगे, दुःख की बात केवल ये है कि वे सफल हो गए".

ब्लेयर ने कहा कि आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए ये आवश्यक है कि इस्लाम की मूल भावना के साथ हुई ख़तरनाक विकृति को दूर किया जाए.

टोनी ब्लेयर ने लंदनवासियों की सहनशीलता की सराहना की और कहा कि आतंकवादी विजयी हो जाते अगर ब्रिटेन का समाज उदार नहीं होता.

जाँच

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पुलिस का कहना है कि मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है

लंदन पुलिस ने गुरूवार को हुए बम धमाकों के मामले में एक बड़ा जाँच अभियान शुरू किया है जिसमें बड़े पैमाने पर ख़ुफ़िया एजेंसियों और फ़ोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.

स्पेन से एक जाँच दल लंदन रवाना हो रहा है जो मार्च 2004 में मैड्रिड में रेलगाड़ी में हुए भीषण धमाकों की जाँच में अपनी विशेषज्ञता लंदन पुलिस को मुहैया कराएगा.

पुलिस इन चार बम धमाकों के समय पर फिर से ध्यान दे रही है. पुलिस इस तथ्य पर ध्यान दे रही है कि सभी धमाके पाँच-पाँच मिनट के अंतराल पर हुए.

पहले पुलिस ने समझा था कि चारों धमाके 25 मिनट के भीतर हुए.

फ़ोरेंसिक जाँच दल भूमिगत रेल सुरंगों और अन्य घटनास्थलों पर तेज़ी से काम कर रहे हैं और वहाँ से जाँच के लिए नमूने इकट्ठे कर रहे हैं.

ये दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन धमाकों के लिए कौन से विस्फोटक और तरीक़ा इस्तेमाल किया गया.

मेट्रोपोलिटन पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, "अगले कुछ दिनों में बहुत कुछ काम होगा और फ़ोरेंसिक जाँच के लिए बहुत से नमूने इकट्ठे किए जाएंगे."

कैमरों की जाँच

टोनी ब्लेयर
टोनी ब्लेयर ने लंदनवासियों की सहनशीलता की सराहना की

लंदन में बड़ी संख्या में ऐसे कैमरे लगे हैं जिनमें हर समय रिकॉर्डिंग चलती रहती है और कोई भी संदिग्ध गतिविधि उनमें रिकॉर्ड हो जाती है. पुलिस सभी घटनास्थलों के आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग की जाँच में लग गई है.

पुलिस ने आम लोगों से कोई भी सूचना तुरंत देने की अपील की है जिसके लिए एक आतंकवाद निरोधक हॉटलाइन बनाई गई है.

मेट्रोपोलिटन पुलिस के आयुक्त सर इयन ब्लेयर ने कहा कि पुलिस इन बम धमाकों के ज़िम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है.

उन्होंने कहा, "ऐसी कोई भी ठोस सूचना या सबूत नहीं है जिसके आधार पर इसे आत्मघाती हमला बताया जा सके या इस संभावना को नकारा जा सके."

बीबीसी के सुरक्षा मामलों के संवाददाता फ्रेंक गार्डनर का कहना है कि जाँच अधिकारी बहुत से सवालों का विश्लेषण कर रहे हैं.

गार्डनर का कहना है,"सबसे अहम सवाल ये है कि क्या हमलावर ब्रितानी ही थे, ब्रितानी आतंकवादी या फिर ये लोग हमला करने के लिए किसी अन्य देश से आए थे."

इस संभावना की भी जाँच की जा रही है कि बम बनाने वाला कोई विशेषज्ञ रहा होगा जिसने हमलावरों को समुचित दिशा निर्देश दिए होंगे.

तलाश

इस बीच धमाकों के बाद से लापता लोगों के परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में लगे हैं और जगह-जगह भटक रहे हैं.

लंदन में बने आपात केंद्र में ऐसे परिजनों के अब तक एक लाख से ज़्यादा टेलीफ़ोन आ चुके हैं.

रिश्तेदार और दोस्त अपने प्रियजनों की तलाश के लिए अस्पतालों में जा रहे हैं और उनके फ़ोटो घटनास्थल पर भी ले जाकर लोगों को दिखा रहे हैं.

देश भर में प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया और लंदन में भी श्रद्धांजलि सभाएँ हुईं जिनमें हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया.

इस बीच लंदन में परिवहन व्यवस्था सामान्य हो रही है लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि भूमिगत रेल का जो हिस्सा धमाकों से प्रभावित हुआ उसे बहाल होने में कई सप्ताह का समय लग सकता है.

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