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समझौते की उम्मीद कम: श्रोडर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ की दो दिवसीय बैठक की शुरुआत से कुछ घंटे पहले जर्मनी के चांसलर गेरहार्ड श्रोडर ने कहा है कि उन्हें संघ के समक्ष मौजूद दोनों बड़ी समस्याओं पर किसी समझौते की उम्मीद बहुत कम है. इस बैठक के लिए आ रहे नेताओं के सामने दो बड़ी समस्याओं का हल निकालने की चुनौती है. एक तो दो सदस्य देशों में हुए जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ के नए संविधान को नकार दिया गया है और दूसरा आने वाले दिनों में खर्च की योजना को लेकर कुछ सदस्य देशों के बीच गहरे मतभेद हैं. यूरोपीय नेता मान रहे हैं कि यदि इन दोनों मसलों का हल जल्दी नहीं निकाला गया तो यूरोपीय संघ का काम काज लंबे समय तक ठप्प पड़ सकता है. श्रोडर ने जर्मनी की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटेन को पांच अरब डॉलर की वार्षिक रियायत पर समझौता करना होगा. ब्रिटेन लगातार कहता रहा है कि वह इस मुद्दे पर समझौता नहीं कर सकता और संघ की अगले पांच साल (2007-2013) के बजट को लेकर इसी कारण कोई समझौता नहीं हो रहा है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का कहना है कि जब तक कृषि संबंधी सब्सिडी पर बातचीत नहीं होती तब तक ब्रिटेन को मिलने वाली वार्षिक रियायत पर वो समझौता नहीं करेंगे. बैठक की अध्यक्षता कर रहे देश लक्ज़मबर्ग का कहना है कि फ्रांस के विरोध के बावजूद बैठक के दौरान फार्म सब्सिडी का मुद्दा उठाया जाएगा. श्रोडर ने कहा कि वो अभी भी प्रस्तावित यूरोपीय संविधान का समर्थन करते हैं जिसे फ्रांस और नीदरलैंड्स के लोगों ने ख़ारिज कर दिया है. उन्होंने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से संविधान के अनुमोदन की प्रक्रिया जारी रखने की अपील भी की.
यूरोपीय आयोग के प्रमुख जोस मनुएल बैरोसो का कहना है कि 25 देशों के प्रमुखों को हर हाल में इन समस्याओं का हल निकालना होगा. हालांकि वे मानते हैं कि फ़्रांस और नीदरलैंड द्वारा यूरोपीय संघ का संविधान नकार देने के बाद इसे बचा पाना आसान नहीं होगा. वे मानते हैं कि इसका एक ही उपाय है कि यूरोपीय संघ के संविधान पर एक साल तक कोई बहस ही न की जाए. संभावना है कि गुरुवार की रात को इस संदर्भ में एक प्रस्ताव लाया जाएगा. |
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