BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 01 जून, 2005 को 23:09 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
नीदरलैंड ने भी संविधान को नकारा
नीदरलैंड के मतदाता
अनुमान के ही अनुसार 60 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने संविधान का विरोध किया
फ्रांस के बाद अब नीदरलैंड के लोगों ने भी प्रस्तावित यूरोपीय संविधान को नकार दिया है.

ताज़ा परिणामों के अनुसार 61.6 प्रतिशत लोगों ने संविधान के ख़िलाफ़ अपना मत दिया है.

केवल 38.4 प्रतिशत मतदाताओं ने संविधान के पक्ष में वोट डाले. आधिकारिक अंतिम परिणाम छह जून को आएँगे.

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री यान पीटर बालकेनेंदे ने नतीजे पर निराशा जताई है लेकिन कहा है कि वे इसका सम्मान करेंगे.

उल्लेखनीय बात ये रही कि जनमत संग्रह में कुल 62.8 प्रतिशत लोगों ने मत डाले.

नीदरलैंड में जनमत संग्रह के नतीजे सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं हैं मगर सरकार ने कहा था कि अगर 30 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने वोट डाले तो परिणाम को स्वीकार कर लिया जाएगा.

नीदरलैंड के परिणाम से यूरोपीय संविधान को लागू करने की कोशिशों को और झटका लगा है.

पिछले रविवार को ही फ़्रांस में मतदाताओं ने ऐसे ही जनमत संग्रह में संविधान को नकार दिया था.

फ़्रांस में जनमत संग्रह के नतीजे सरकार के लिए बाध्यकारी होते हैं और संविधान पर परिणाम आने के बाद वहाँ प्रधानमंत्री ज़ॉं पिए रफ़रां को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी और डोमिनिक-ड-विलपां नए प्रधानमंत्री बने.

भविष्य

फ़्रांस
फ़्रांस में हुए जनमत संग्रह में भी यूरोपीय संविधान को मंज़ूरी नहीं मिली थी

यूरोपीय संघ के प्रस्तावित संविधान पर काफ़ी खींचतान के बाद पिछले वर्ष हस्ताक्षर किए गए थे जिसमें यूरोपीय संघ के काम-काज और उसके अधिकारों का उल्लेख किया गया है.

लेकिन संविधान को लागू किए जाने के लिए उसे सभी 25 सदस्य देशों से स्वीकृति मिलनी आवश्यक है.

नौ देशों ने संविधान को स्वीकृति दे दी है.

फ़्रांस व नीदरलैंड के बाद आठ अन्य देशों में जनमत संग्रह करवाया जाना है, जिनमें ब्रिटेन भी शामिल है.

जानकारों का कहना है कि फ़्रांस और नीदरलैंड में संविधान को स्वीकृति नहीं मिलने से इसका असर अन्य देशों पर भी पड़ सकता है.

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोसे मनुएल बरोसो ने भी स्वीकार किया है कि संविधान को लेकर गंभीर समस्या है.

हालांकि उन्होंने अन्य यूरोपीय देशों से अपील की कि वो अपने देशों में होने वाले जनमत संग्रह या संसद में इस संविधान के अनुमोदन संबंधी मतदान प्रक्रिया को जल्दबाज़ी में रद्द न करें.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>