| नीदरलैंड के प्रधानमंत्री परिणाम से दुखी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री जां पीटर बलाकेनेंदे ने कहा है कि यूरोपीय संविधान पर हुए जनमत संग्रह में आए " ना" परिणाम से वो खुश नहीं हैं लेकिन वो इसका सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि इस परिणाम के बाद वह बदलाव को लेकर लोगों की चिंताओं को जानने की ज़रुरत है और इससे सबक लिया जाएगा. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ में संविधान के अनुमोदन के लिए जनमत संग्रह की प्रक्रिया जारी रहेगी. यूरोपीय संघ के वर्तमान अध्यक्ष और लक्ज़मबर्ग के प्रधानमंत्री ज़ां क्लाउड जंकर ने कहा कि अब उन्हें अपने देश में अगले महीने होने वाले इसी तरह के जनमत संग्रह के लेकर चिंता हो रही है. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रा का कहना था कि फ्रांस और अब नीदरलैंड के लोगों की प्रतिक्रिया के बाद आने वाले वर्षों में यूरोप की दिशा और उसके भविष्य को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. बुधवार को हुए जनमत संग्रह में नीदरलैंड के नागरिकों ने भी संविधान को नकार दिया है. फ़्रांस पहले ही प्रस्तावित संविधान को नकार चुका है. पहले से ही संभावना जताई जा रही थी कि फ़्रांसीसी इसे नकार देंगे. |
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