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यूरोप-अमरीका की एकजुटता का आह्वान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अपनी यूरोप यात्रा के पहले दिन अटलांटिक महासागर के आर-पार के देशों के बीच एकता का आह्वान किया है. अपनी पाँच दिन की यूरोप यात्रा के पहले दिन उन्होंने बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ और यूरोपीय सैन्य संगठन नाटो के नेताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि यूरोप और अमरीका के बीच मज़बूत संबंध पूरी दुनिया की शांति और समृद्धि के लिए आवश्यक है. बुश ने कहा,"कोई भी अस्थायी बहस, सरकारों के बीच का मतभेद और विश्व की कोई भी ताक़त हमें कभी नहीं बाँट सकती". जॉर्ज बुश ने अपने भाषण में मध्य पूर्व से जुड़े मुद्दों की विशेष चर्चा की. मध्य पूर्व उन्होंने मध्य पूर्व में शांति स्थापना को पहला कार्य बताते हुए कहा कि इस संकट का स्थायी समाधान बिल्कुल पहुँच में है. जॉर्ज बुश ने कहा,"हम इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच शांति उनकी बेहतरी के लिए चाहते हैं. हम जानते हैं कि एक स्वतंत्र और शांत फ़लस्तीन से पूरे मध्य पूर्व में सुधार की गति तेज़ होगी". जॉर्ज बुश ने इराक़ के मुद्दे पर सभी देशों से अपने पिछले मतभेदों को भुलाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी मिलकर इराक़ में लोकतंत्र की स्थापना में सहायता करें. उन्होंने आतंकवाद के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ने और पूरी दुनिया में लोकतंत्र को मज़बूत बनाने की भी अपील की. जॉर्ज बुश ने साथ ही मौसम में हो रहे परिवर्तन से निपटने के लिए प्रयास करने पर भी बल दिया. उन्होंने क्योटो संधि पर मतभेदों को भुलाकर नई तकनीकों के सहारे नया हल ढूँढने की अपील की. |
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