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बुश सीनियर और क्लिंटन इंडोनेशिया में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के दो पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सीनियर और बिल क्लिंटन सूनामी प्रभावित इलाक़ों के लिए लिए सहायता राशि जुटाने की कोशिशों के तहत रविवार को इंडोनेशिया पहुँचे हैं. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसिलो बमबांग युधोयोनो से एक छोटी मुलाक़ात के बाद दोनों पूर्व राष्ट्रपति सूनामी में सबसे ज़्यादा प्रभावित प्रांत आचे पहुँचे. आचे प्रांत में इंडोनेशियाई सुरक्षा बलों और पृथकतावादी विद्रोहियों के बीच अक्सर लड़ाई होती रहती है. इंडोनेशियाई राष्ट्रपति युधोयोनो ने पत्रकारों को बताया, "दोनों पूर्व राष्ट्रपतियों ने बताया कि अमरीकी जनता सूनामी प्रभावित इलाक़ों के लोगों की सहायता करना चाहती है." इंडोनेशिया के बाद क्लिंटन और बुश सीनियर श्रीलंका और मालदीव का दौरा करेंगे. इससे पहले वह थाईलैंड का दौरा कर चुके हैं जहाँ उन्होंने कहा था कि दुनिया को सूनामी प्रभावितों और पुनर्निर्माण कार्य को भुला नहीं देना चाहिए. अमरीकी प्रशासन ने इन दोनों अलग-अलग पार्टियों के नेताओं को सूनामी प्रभावितों के लिए धन इकट्ठा करने की ज़िम्मेदारी सौंपी है. उनका पहला पड़ाव था दक्षिण पश्चिमी थाईलैंड का सबसे प्रभावित इलाक़ा बान नाम खेम गाँव. सूनामी लहरों की विनाशलीला में इस गाँव की आधी आबादी नष्ट हो गई थी. इस गाँव में पहले चरण में दो सौ नए घर बनाए जा रहे हैं जिनका जॉर्ज बुश सीनियर और बिल क्लिंटन निरीक्षण किया. उसके बाद दोनों पूर्व राष्ट्रपति फुकेत गए और मारे गए लोगों की याद में बनाए गए स्मारक पर फूल चढ़ाए. |
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