| क्लिंटन होंगे संयुक्त राष्ट्र के सूनामी दूत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को एशिया में सूनामी राहत कार्यों के लिए संयुक्त राष्ट्रा का विशेष दूत नियुक्त किया गया है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि महासचिव कोफी अन्नान ने क्लिंटन को इस कार्य के लिए चुना क्योंकि क्लिंटन में जो उत्साह, ऊर्जा और एकाग्रता है उससे इस काम में काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि अन्नान इस पद के लिए कोई ऐसा व्यक्ति चाहते थे जो सूनामी प्रभावित इलाक़ों में न केवल राहत जुटा सके बल्कि वहां जारी संघर्षों को कम करने में भूमिका निभा सके. इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने भी क्लिंटन से कहा था कि वो अमरीकियों से सूनामी के लिए राहत जुटाने में अग्रणी भूमिका निभाएं. इस काम के लिए क्लिंटन और पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश अमरीका में घूम घूम कर धन इकट्ठा कर रहे हैं. क्लिंटन ने कहा कि वह बुश के साथ काम करना जारी रखेंगे और लोगों से अपील करते रहेंगे कि सूनामी के लिए धन देते रहें. ये दोनों नेता अगले कुछ दिनों में सूनामी प्रभावित इलाकों में भी जाने वाले हैं. नियुक्ति माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान क्लिंटन की नयी नियुक्ति के बारे में औपचारिक घोषणा करेंगे. संयुक्ता राष्ट्र के आकड़ों के अनुसार सूनामी में मरने वालों की संख्या दो लाख से ऊपर पहुचं चुकी है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता फ्रेड एकहार्ड द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि अन्नान समझते हैं कि सूनामी के विशेष दूत के लिए क्लिंटन से उपयुक्त कोई और नहीं है. |
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