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सूनामी में मृतकों की संख्या बढ़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले साल दिसंबर में हिंद महासागर में आए भूकंप और उसके बाद सूनामी लहरों की विनाशलीला में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर दो लाख 20 हज़ार हो गई है. मृतकों की संख्या में बढ़ोत्तरी इंडोनेशिया सरकार द्वारा जारी नए आंकड़ों के बाद हुई है. इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि सूनामी के कारण वहाँ एक लाख 66 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. इंडोनेशिया की ओर से जारी नए आँकड़े पहले के आधिकारिक आँकड़ों की तुलना में 50 हज़ार ज़्यादा हैं. इंडोनेशिया में मृतकों की संख्या में बढ़ोत्तरी आचे और उत्तरी सुमात्रा प्रांत से दर्ज की गई है. आँकड़े सूनामी से हुई तबाही के बाद सबसे ज़्यादा यही प्रांत प्रभावित हुए हैं. इन दोनों प्रांतों में आठ लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं.
इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय के निदेशक दोती इंद्रासांतो ने बताया कि मृतकों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने का कारण है लापता लोगों को मृत घोषित करने की स्वास्थ्य अधिकारियों की घोषणा. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि अब लापता लोगों की संख्या 77 हज़ार से घटकर 6,245 रह गई है. यानी बाक़ी लोग अब मृत घोषित कर दिए गए हैं. हालाँकि राष्ट्रपति सुसिलो बैमबांग युधोयोनो ने कहा है कि मृतकों की सही संख्या का पता कभी नहीं चल पाएगा. बीबीसी संवाददाता राचेल हार्वी ने कहा है कि आचे प्रांत की राजधानी बांदा आचे की 14 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी सूनामी लहरों की भेंट चढ़ गई है. उनका कहना है कि अब भी स्थानीय ज़िला प्रशासन ने किसी तरह के आँकड़े जारी नहीं किए हैं. इससे यही लगता है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. |
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