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'फ़लस्तीनी राष्ट्र के बिना शांति नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने इसराइल का आहवान किया है कि वह एक अलग राष्ट्र की फ़लस्तीनियों की ज़रूरत को मान्यता दे ताकि मध्य पूर्व में टिकाऊ शांति स्थापित की जा सके. राइस संभवतः इस सप्ताह के अंत में इसराइल और फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट का दौरा करेंगी और इसराइली और फ़लस्तीनी नेताओं से मुलाक़ात करेंगी. अपनी इस यात्रा से पहले दिया गया उनका यह बयान काफ़ी महत्वपूर्ण है और मध्य पूर्व यात्रा फ़लस्तीनियों के प्रति बुश प्रशासन के सकारात्मक रुख़ को दर्शाता है. वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता जोनाथन बीली का कहना है कि विदेश मंत्री का पद संभालने के बाद से राइस ने यह साफ़ कर दिया है कि मध्य पूर्व में शांति लाना बुश प्रशासन की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण अंग होगा. कोंडोलीज़ा राइस इस सप्ताह के अंत में अपने पहले विदेश दौरे पर निकलेंगी जिस दौरान वह आठ यूरोपीय देश जाएंगी और इसराइल और फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी भी उनकी इस यात्रा में शामिल होगा. सोमवार को राइस ने कहा कि एक फ़लस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के बिना न तो इसराइलियों के लिए और न ही फ़लस्तीनियों के लिए शांति क़ायम हो सकती है. उन्होंने कहा कि फ़लस्तीनी राष्ट्र ऐसा बने जो लोगों की उम्मीदें पूरी करे. अमरीकी प्रशासन ने लोकतांत्रिक चुनावों की तरफ़ फ़लस्तीनियों की बढ़त को काफ़ी सराहा है और सुरक्षा स्थिति सुधारने के लिए राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रयासों की भी तारीफ़ की है. |
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