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मध्य पूर्व में युद्ध विराम काफ़ी नज़दीक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल सरकार और फ़लस्तीनी अधिकारियों ने ग़ज़ा पट्टी में हिंसा रोकने के प्रयासों के तहत एक दूसरे से ठोस क़दम उठाने का आहवान किया है जिसे औपचारिक युद्ध विराम की तरफ़ ठोस प्रगति समझा जा रहा है. एक वरिष्ठ फ़लस्तीनी वार्ताकार ज़ायद अबू अम्र ने कहा है कि चरमपंथी संगटन इसराइल पर हमले रोकने के लिए राज़ी हो गए हैं और इसराइल की तरफ़ से भी ऐसे ही युद्ध विराम की घोषणा का इंतज़ार कर रहे हैं. ज़ायद अबू अम्र ने यह भी कहा कि औपचारिक रूप से युद्ध विराम की घोषणा भी जल्दी ही होने की संभावना पैदा हो गई है. लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है तो इसराइल को भी फ़लस्तीनी क़ैदियों को रिहा करके इस क़दम का सकारात्मक जवाब देना चाहिए. इसराइल सरकार के एक प्रवक्ता अवी पज़नेर ने बीबीसी से कहा कि फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने एक सकारात्मक क़दम उठाया है लेकिन ठोस प्रगति तभी हो सकती है जब हमास और इस्लामिक जेहाद जैसे संगठनों को निशस्त्र किया जाए. महमूद अब्बास उर्फ़ अबू माज़ेन इस बीच फ़लस्तीनी चरमपंथियों के साथ बातचीत के लिए ग़ज़ा पट्टी में हैं. उन्होंने चरमपंथियों को इसराइल के ख़िलाफ़ युद्ध विराम पर राज़ी करने के लिए पिछले सप्ताह बातचीत शुरू की थी. फ़लस्तीनी चरमपंथी ज़ोर देते रहे हैं कि वे तब तक युद्ध विराम की घोषणा नहीं करेंगे जब तक इसराइल भी कुछ रियायतों की घोषणा नहीं करता जिनमें चरमपंथियों के ख़िलाफ़ हमले रोकने और क़ैदियों को रिहा करने जैसी रियायतें शामिल हैं. अब्बास इस पहलू पर भी बातचीत कर रहे हैं कि चरमपंथी संगठन हमास को राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल किया जा सके. उधर इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से शांति रही है और वह आशा करते हैं कि कुछ ठोस बदलाव हो रहे हैं. हालाँकि उन्होंने यह भी कहा है कि अगर फ़लस्तीनी चरमपंथी हमले फिर शुरू कर देते हैं तो इसराइली सुरक्षा बल पूरी ताक़त के साथ जवाबी कार्रवाई करेंगी. इसराइल के रक्षा मंत्री शाउल मोफ़ाज़ ने रविवार को कहा था कि फ़लस्तीनी गुटों ने नव निर्वाचित फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की गुज़ारिश पर इसराइलियों के ख़िलाफ़ हमले एक महीने के लिए रोकने पर राज़ी हो गए हैं. लेकिन फ़लस्तीनी विदेश मंत्री नबील साद बीबीसी को बताया था कि फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है. फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास और इस्लामिक जेहाद ने भी इसराइली मंत्री के दावों का खंडन किया था. |
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