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इसराइली सेना को 'खुली छूट' मिली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि उन्होंने अपनी सेनाओं को फ़लस्तीनी चरमपंथियों पर हमला करने के लिए खुली छूट दे दी है. शेरॉन की यह घोषणा फ़लस्तीनी राष्ट्रपति के चुनाव के सिर्फ़ सात दिन बाद आई है. ग़ौरतलब है कि महमूद अब्बास उर्फ़ अबू माज़ेन नए फ़लस्तीनी राष्ट्रपति चुने गए हैं. शेरॉन ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल को बताया, "फ़लस्तीनी नेतृत्व में परिवर्तन के बावजूद आतंकवाद के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई होते देखना अभी बाक़ी है." गत गुरूवार को ग़ज़ा पट्टी में एक हमले में छह इसराइली मारे गए थे. उस हमले के बाद इसराइल ने फ़लस्तीनी नेतृत्व के साथ अपने संपर्क तोड़ दिए थे. शनिवार रात को ग़ज़ा में ही इसराइली सैनिकों के हाथों आठ फ़लस्तीनी मारे गए थे. फ़लस्तीनियों के रॉकेट हमले में दो इसराइली ज़ख़्मी भी हो गए थे जिनमें सात साल का एक बच्चा भी था.
शेरॉन ने रविवार को कहा, "इसराइली सेना और तमाम सुरक्षा अमले को हिदायत दी गई है कि वे जो भी कार्रवाई ज़रूरी हो, बिना किसी रोकटोक के कर सकते हैं." "यह खुली छूट तब तक जारी रहेगी जब तक कि फ़लस्तीनी एक उँगली भर भी उठाना बंद नहीं कर देते." शेरॉन की गठबंधन सरकार के सहयोगी दलों के मंत्रियों ने उनके इस क़दम के प्रति समर्थन व्यक्त किया. शब्दों पर अमल इसराइल के आंतरिक मामलों के मंत्री ओफ़िर पाइन्स ने कहा, "महमूद अब्बास पहले ही कह चुके हैं कि वह आतंकवाद के ख़िलाफ़ हैं लेकिन उनके शब्दों पर अमल होता नज़र आना चाहिए. उन्हें आतंकवादियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का अपना संकल्प पूरा करना चाहिए." उधर फ़लस्तीनी विदेश मंत्री नबील साद ने शेरॉन की इस नई घोषणा की निंदा की है, "ऐसे समय जबकि अबू माज़ेन यह कह रहे हैं कि वह शांति की मेज़ पर लौटने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, शेरॉन सैनिक कार्रवाई बढ़ाने की घोषणा करते हैं."
महमूद अब्बास ने शनिवार को नए राष्ट्रपति पद की शपथ लेते समय इसराइल और फ़लस्तीनी चरमपंथियों के बीच युद्ध विराम का आहवान किया था. फ़लस्तीनी अधिकारियों ने कहा कि महमूद अब्बास फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों को इसराइल के ख़िलाफ़ हमले रोकने पर राज़ी करने के लिए इसी सप्ताह ग़ज़ा पट्टी का दौरा करेंगे. लेकिन यरूशलम में बीबीसी संवाददाता जेम्स रेनॉल्ड्स का कहना है कि शेरॉन की ताज़ा घोषणा से चरमपंथियों को युद्ध विराम के लिए राज़ी करने का महमूद अब्बास का काम कुछ जटिल हो सकता है. फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों ने संकेत दिया है कि वे तभी हमले रोकेंगे बशर्ते कि इसराइल भी हमले रोक दे. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि शेरॉन ने अपने मंत्रिमंडल को रविवार को जो जानकारी दी उससे तो ऐसा नहीं लगता कि इसराइल फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ हमले रोकने का इरादा रखता है. |
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