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बेथलहम समारोह में फ़लस्तीनी जुटे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य पूर्व में बेथलहम चर्च ऑफ़ नेटिविटी में भी क्रिसमस के समारोह धूमधाम से हुए हैं और इस बार ख़ास बात ये है कि इसराइल ने तीन साल बाद इस समारोह में फ़लस्तीनी नेताओं को भी शामिल होने की इजाज़त दी है. ग़ौरतलब है कि बेथलहम ही ईसा मसीह का जन्म स्थान है. इस समारोह में शांति के लिए दुआ और अपील की गई. इसराइल ने दिवंगत यासिर अराफ़ात को इस समारोह में भाग लेने से यह कहते मना कर रखा था कि चरमपंथियों के साथ उनके संबंध हैं. बेथलहम में स्थानीय लोगों का कहना है कि वहाँ क्रिसमस के समय आने वाले सैलानियों की संख्या काफ़ी बढ़ी है. फ़लस्तीनी राष्ट्रपति के चुनाव के प्रबल उम्मीदवार महमूद अब्बास उर्फ़ अबू माज़ेन और फ़लस्तीनी प्रशासन के अंतरिम अध्यक्ष राव्ही फ़त्तूह ने बेथलहम के चर्च ऑफ़ नेटिविटी में क्रिसमस के समारोह में शिरकत की. समारोह बेथलहम के मेंगर चौक पर आयोजित किया गया जहाँ दिवंगत फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात की भी एक बड़ी तस्वीर लगाई गई थी जो अबू माज़ेन का स्वागत करने आए लोगों की भीड़ में गिर गई. इस समारोह में मध्य रात्रि के अपने संबोधन में लातीनी पादरी माइकल सब्बाह ने इसराइली और फ़लस्तीनियों से अनुरोध किया कि वे "हिंसा की बुराई पर जीत हासिल करें" और एक ऐसे समाज की स्थापना के लिए एकजुट होकर काम करें जहाँ "किसी पर किसी दूसरे का नियंत्रण न हो और न ही किसी पर किसी और का क़ब्ज़ा हो, कोई भी किसी अन्य के लिए असुरक्षा की भावना का कारण नहीं बने और न ही कोई किसी की आज़ादी छीने." इसराइली सैनिकों ने बहुत से नाकों पर पाबंदियों में कुछ ढील दी थी ताकि फ़लस्तीनी बेथलहम चर्च में जा सकें और क़रीब पाँच हज़ार फ़लस्तीनी वहाँ पहुँचे. लेकिन इसराइल के पूर्व परमाणु तकनीशियन मोरदेचई वनुनु को बेथलहम में दाख़िल होने की कोशिश करते वक़्त गिरफ़्तार कर लिया गया. उन पर कहीं भी जाने-आने की रोक लगी हुई है. |
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