|
फ़लस्तीनी बलों की तैनाती का स्वागत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथियों को इसराइली ठिकाने पर रॉकेट दागने से रोकने के लिए फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों की उत्तरी गज़ा पट्टी में तैनाती का इसराइल ने स्वागत किया है. इसराइल के उप प्रधानमंत्री शिमान पेरेस ने कहा कि फ़लस्तीनी प्राधिकरण का यह फैसला वाकई प्रभावशाली है. ग़ज़ा के सुरक्षा प्रमुख मूसा अराफ़ात ने एक विस्तृत योजना इसराइल के सामने रखी थी जिसे इसराइल ने मंज़ूर कर लिया था. इसके बाद आज सुबह सुरक्षा बलों की तैनाती शुरू हुई. सीमावर्ती शहरों बेत लाहिया और बेत हानून से सैंकड़ों की तादाद में सुरक्षा बल वहाँ पहुँचे. फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों की तैनाती से इसराइल को एक बड़ी सैन्य कर्रवाई करने की अपनी योजना को फिलहाल टालना पड़ा है. एरेज़ सीमा के पास एक चौंकी पर गाड़ियों की हथियारों के लिए तलाशी ली जा रही है. ग़ज़ा से बीबीसी संवाददाता ऐलन जॉनस्टन का कहना है कि फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों को आदेश दिया गया है कि क़रीब तीन हज़ार सैनिकों को सीमावर्ती इलाक़ों में तैनात किया जाए. उनका कहना है कि फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच झड़पें होने की संभावना है मगर दोनों पक्ष इससे बचने की पूरी कोशिश करेंगे. साथ ही संवाददाता का कहना है कि फ़लस्तीनी राष्ट्रपति मदमूद अब्बास के कुछ क़रीबी सुत्रों से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि हमास शायद संघर्षविराम को लेकर किसी तरह के समझौते की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है. इस बीच आज मिस्र से गज़ा की ओर आने वाली रफ़ा सीमा को खोल दिया गया. ख़बर है कि इसराइल ने गज़ा से होकर उत्तर और दक्षिण जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी यातायात पर लगाई गई पाबंदी में ढील दी है. शांति और बातचीत फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों की तैनाती इसराइल के उस क़दम के बाद हुई है जिसमें उसने घोषणा की थी कि वह नए फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से संपर्क क़ायम कर रहा है. पिछले दिनों गज़ा में हुए चरमपंथी हमले के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने महमूद अब्बास पर आरोप लगाया था कि वे चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. गज़ा के सुरक्षा प्रमुख मूसा अराफ़ात ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि अभियान गज़ा के उत्तर से शुरू होगा लेकिन बाद में दक्षिणी इलाक़ों में भी होगा. फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने पूरा हफ़्ता गज़ा में चरमपंथी गुटों के साथ संभावित संघर्ष विराम पर चर्चा करते बिताया. इसके बाद उन्होंने कहा कि ‘फ़लस्तीनी शांति और बातचीत में भरोसा करते हैं.’ फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों की तैनाती पर इसराइल में आम तौर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया हुई है. इसराइली सेना प्रमुख मोशे यालून ने कहा कि इस क़दम से साबित होता है कि फ़लस्तीनी नेता ये समझ रहे हैं कि ‘चरमपंथ से कुछ हासिल होने वाला नहीं.’ इसराइल के गृह मंत्री ऑफिर पाइन्स ने कहा, "यह ऐसा क़दम है जो यासिर अराफ़ात के समय कभी भी देखने को नहीं मिला." एक अन्य घटना में पश्चिमी तट के जेनिन शहर में इसराइली सैनिकों ने फ़लस्तीनी लड़के को गोली मार दी. रफ़ा शरणार्थी शिविर के पास घूम रहे एक और फ़लस्तीनी लड़के को इसराइली सैनिकों ने गोली मार दी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||