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चरमपंथी युद्ध विराम के लिए तैयार:अब्बास | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है गज़ा पट्टी में संघर्षविराम के लिए चरमपंथी गुटों को राज़ी करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है लेकिन पूर्ण संघर्षविराम के लिए लिए इसराइल को भी अपने हमले रोकने होंगे. अब्बास पिछले दिनों में चरमपंथी संगठन हमास, इस्लामिक जेहाद और अन्य गुटों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं. इन सभी गुटों ने कुछ समय के लिए शांति बनाए रखने का संकेत दिया है लेकिन इन ख़बरों का खंडन किया है कि वो युद्धविराम के लिए तैयार हैं. हमास के एक प्रवक्ता सईद सियाम ने बीबीसी से कहा कि पिछले कुछ दिनों में गज़ा पट्टी में इसराइल की ओर रॉकेट नहीं दागे गए हैं जो अब्बास के लिए हमारी तरफ से सकारात्मक संकेत है. इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई हमला होता है तो इसराइली सेना उसका कड़ा जवाब देगी. शेरॉन ने इसराइल के स्देरात शहर में कैबिनेट की विशेष बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही. स्देरात शहर पर अक्सर रॉकेट हमले होते रहते हैं. चरमपंथी गुटों के साथ बातचीत में प्रगति की जानकारी अब्बास ने फ़लस्तीनी टीवी के साथ एक इंटरव्यू में दी. अब्बास ने इसराइल से भी अपील की है कि वह हमले रोके. महमूद अब्बास ने पिछले सप्ताह पाँच दिन तक कई फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों से बात की जिसका मक़सद हिंसा रोकना था. समझौता फ़लस्तीनी टीवी का कहना है कि इंटरव्यू में अब्बास ने इस बात की पुष्टि की है कि बातचीत में प्रगति हुई है और जल्द ही इस बारे में कोई समझौता हो जाएगा. अब्बास ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इसराइल भी समझौते को लागू कराने की दिशा में अपनी ज़िम्मेदारी निभाए. अब्बास ने कहा, "इसराइल को फ़लस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई बंद करनी चाहिए. उसे फ़लस्तीनी क़ैदियों के बारे में कारगर कार्रवाई करनी चाहिए." इससे पहले चरमपंथी संगठन हमास के प्रवक्ता अबू ज़ूहरी ने इसराइली रक्षा मंत्री शॉल मोफ़ाज़ के उस बयान का खंडन किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि हमास और इस्लामिक जेहाद इसराइल के ख़िलाफ़ एक महीने तक कोई हमला न करने के लिए राज़ी हो गए हैं. ज़ूहरी ने कहा, "मोफ़ाज़ ने जो कहा, वह ठीक नहीं है. हम इस बात को दोहराते हैं कि हम इस शांति पर गंभीरता से विचार करने के लिए तैयार हैं. लेकिन शांति बिना किसी क़ीमत के नहीं हो सकती. किसी तरह की शांति उस समय तक स्वीकार नहीं की जा सकती जब तक इसराइल अपनी सभी तरह की आक्रमक कार्रवाई नहीं बंद कर देता." भूमिका इसराइली रक्षा मंत्री मोफ़ाज़ ने इसराइली रेडियो को बताया था कि फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमले रोकने के बदले हमास और इस्लामिक जेहाद को फ़लस्तीनी प्रशासन में भूमिका देने का वादा किया है.
उन्होंने कहा कि इसराइल अपना अभियान रोकने के लिए तैयार है लेकिन इसी शर्त पर कि फ़लस्तीनी चरमपंथी इसराइल पर हमला नहीं कहेंगे. उन्होंने कहा, "जब तक शांति बनी हुई है. अभियान चलाने का कोई कारण नहीं है." इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने भी कहा कि सुरक्षा बलों की शुरुआती कार्रवाई के बाद शांति बनी हुई है. शेरॉन ने कहा कि वे नहीं जानते कि क्या वास्तव में कोई बदलाव हुआ है या नहीं. शनिवार को अल अक़्सा शहीदी ब्रिगेड ने भी घोषणा की थी कि अगर इसराइल अपनी सैनिक कार्रवाई टाल दे तो वे संघर्ष विराम के लिए तैयार हैं. शुक्रवार को उत्तरी गज़ा में तीन हज़ार फ़लस्तीनी पुलिसकर्मियों तो तैनात किया गया है ताकि इसराइली ठिकानों पर रॉकेट हमलों को रोका जा सके. |
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