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फ़लस्तीनी गुटों का युद्ध विराम से खंडन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों ने इसराइल के एक मंत्री के इस बयान का खंडन किया है कि चरमपंथी गुट इसराइलियों पर अपने हमले रोकने के लिए राज़ी हो गए हैं. इसराइल के रक्षा मंत्री शाउल मोफ़ाज़ ने इसराइली रेडियों से कहा था कि फ़लस्तीनी गुटों ने नव निर्वाचित फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की गुज़ारिश पर इसराइलियों के ख़िलाफ़ हमले एक महीने के लिए रोकने पर राज़ी हो गए हैं. ग़ौरतलब है कि महमूद अब्बास फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों से बातचीत के लिए बीते सप्ताह ग़ज़ा पट्टी गए थे और इसराइली मंत्री का कहना है कि इसी बातचीत में अब्बास को इन गुटों को युद्ध विराम पर राज़ी करने में कामयाबी मिल गई है. लेकिन फ़लस्तीनी विदेश मंत्री नबील साद बीबीसी को बताया कि फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है. फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास और इस्लामिक जेहाद ने भी इसराइली मंत्री के दावों का खंडन किया है. मोफ़ाज़ ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास और इस्लामिक जेहाद क़रीब एक महीने के लिए अपने हमले रोकने पर राज़ी हो गए हैं. मोफ़ाज़ ने कहा कि बदले में इन दोनों गुटों को फ़लस्तीनी प्रशासन में कोई भूमिका देने का वादा किया गया है. इसराइली मंत्री ने कहा कि यह एक अच्छी ख़बर है लेकिन इसराइल को यह भी नज़दीकी से देखना होगा कि ये संगठन वास्तव में कैसा बर्ताव करते हैं. इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने चेतावनी दी है कि अगर फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने अपने हमले फिर शुरू किए तो इसराइली सेना पूरी ताक़त के साथ जवाबी कार्रवाई करेगी. शेरॉन ने यह चेतावनी दक्षिणी शहर स्देरोट में एक विशेष मंत्रिमंडलीय बैठक में कही. यह शहर चरमपंथियों के रॉकेट हमलों का अक्सर निशाना बनता रहा है. हमास हमास के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि संगठन ने युद्ध विराम को अभी औपचारिक रूप से मंज़ूरी नहीं दी है और वे इसराइल की तरफ़ से किसी ऐसे ही क़दम की घोषणा का इंतज़ार कर रहे हैं.
एक अन्य चरमपंथी गुट अल अक्सा शहीदी ब्रिगेड ने शनिवार को कहा था कि वे अपने हमले स्थगित करने पर विचार करने के लिए तैयार हैं बशर्ते कि इसराइल भी इसी तरह का क़दम उठाए. फ़लस्तीनी गुट इसराइली सेना से बार-बार अनुरोध करते रहे हैं कि अपनी सैनिक कार्रवाई बंद करे, ख़ासतौर से फ़लस्तीनी चरमपंथियों की हत्या रोके. इसराइल ऐसी कोई भी गारंटी देने से इनकार करता रहा है, लेकिन अब क्या रुख़ होगा, यह अभी साफ़ नहीं है. बीते सप्ताह शुक्रवार को ग़ज़ा के उत्तरी क्षेत्र में इसराइलियों पर रॉकेट हमले रोकने के प्रयास के तहत क़रीब तीन हज़ार फ़लस्तीनी पुलिसकर्मी तैनात किए गए. इसराइल ने फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों से बातचीत करने के लिए महमूद अब्बास की तारीफ़ की है और पहले उनसे जो संपर्क तोड़ लिए गए थे, वे भी बहाल कर दिए गए हैं. ग़ौरतलब है कि फ़लस्तीनी क्षेत्रों ग़ज़ा पट्टी और पश्चिमी तट पर 1967 से ही इसराइल का क़ब्ज़ा है जहाँ क़रीब चालीस लाख फ़लस्तीनी रहते हैं. |
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