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अब्बास से कूटनीतिक संबंध बहाल होंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने फलस्तीनी नेता महमूद अब्बास के साथ कूटनीतिक संबंध बनाने पर लगी रोक हटाने का फैसला किया है. इसराइल से आ रही रिपोर्टों में यह बात कही गई है. दो हफ्ते पहले गज़ा पट्टी में छह इसराइलियों के मारे जाने के बाद इसराइल ने फ़लस्तीन के साथ सारे संबंध तोड़ने की घोषणा कर दी थी. दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंध एक दो दिन पहले ही बहाल हुए हैं. पिछले एक हफ्ते में फ़लीस्तीनी सुरक्षा बलों को सीमा पर नियुक्ति के बाद गज़ा इसराइल सीमा पर हिंसा में ख़ासी कमी हुई है. रायर्टस संवाद समिति ने राजनीतिक सूत्रों के हवाले से बताया कि दोनों नेताओं के सहयोगी गुरुवार को मुक़ालात कर सकते हैं. रिपोर्टों के अनुसार इसराइल ने कहा है कि जिन इलाक़ों में फ़लस्तीनी पुलिस सुरक्षा का आश्वासन देगी उन इलाकों में फ़लस्तीनी चरमपंथियों को निशाना नहीं बनाया जाएगा. पिछले चार साल से जारी हिंसा को रोकने के लिए फ़लस्तीनी प्राधिकरण बार बार यही शर्त रख रहा था. इससे पहले मंगलवार को इस्लामी चरमपंथी गुट हमास ने बयान जारी कर अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की थी. हालांकि हमास नेता खालिद मेशाल ने एपी संवाद समिति से बातचीत में कहा कि इसराइल के किसी भी हमले का ज़वाब दिया जाएगा. उधर फ़लस्तीनी सूत्रों का कहना है कि बुधवार को इसराइली सेना ने गज़ा पट्टी में गोलियां चलाई जिसमें तीन साल की फ़लस्तीनी लड़की की मौत हो गई है. इसराइली सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की है लेकिन कहा है कि सुरक्षा बलों ने रॉकेट हमलों के जवाब में कार्रवाई की थी. |
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