|
राइस के पहले दौरे में मध्य पूर्व भी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की नई विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस यह पद संभालने के बाद अपने पहले विदेश दौरे में मध्य पूर्व की भी यात्रा करेंगी. एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच शांति वार्ता में प्रगति की उम्मीदें उस स्तर पर सकारात्मक नज़र आ रही हैं जैसी कि पिछले चार साल में नहीं थीं. अगले सप्ताह शुरू हो रही क़रीब सप्ताह भर की अपनी इस यात्रा में राइस आठ यूरोपीय देशों का भी दौरा करेंगी. अगले सप्ताह गुरूवार को शुरू होने वाला उनका यह दौरा काफ़ी महत्वपूर्ण होगा और इसमें वह ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, तुर्की, इसराइल, पश्चिमी तट, इटली, फ्रांस, बेल्जियम और लक्ज़मबर्ग जाएंगी. एक दिन पहले गुरूवार को ही राइस ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से कहा था कि अमरीकी विदेश नीति में कूटनीति का अहम स्थान रहेगा. उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का आहवान किया कि वे 'देश के सामने इस महत्वपूर्ण मुहिम में एकजुट होकर' काम करें. संवाददाताओं का कहना है कि कुछ अधिकारियों ने पूर्व विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल के कार्यकाल में ख़ुद को दरकिनार महसूस करने की शिकायतें की थीं. कोंडोलीज़ा राइस अपने पद की औपचारिक रूप से शपथ शुक्रवार को लेंगी, हालाँकि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पहले ही विदेश मंत्री के रूप में उनका नाम घोषित कर चुके हैं और सीनेट ने भी बुधवार को एक तीखी बहस के बाद उनके नाम को मंज़ूरी दे दी है. बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब का कहना है कि विदेश मंत्री के रूप में कार्य शुरू करते वक़्त राइस में काफ़ी ऊर्जा नज़र आ रही है. मध्य पूर्व संवाददाताओं का कहना है कि मध्य पूर्व में पूर्व फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात की मौत के बाद शांति वार्ता में प्रगति के आसार नज़र आ रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि पिछले महीने चुनाव के बाद महमूद अब्बास ने फ़लस्तीनी राष्ट्रपति का पद संभाला है और उन्होंने फ़लस्तीनी चरमपंथियों के साथ बातचीत भी की है. अमरीका के सहायक उपविदेश मंत्री डेविड सैटरफ़ील्ड ने गुरूवार को पत्रकारों से कहा था, "हम इस वक़्त एक ऐसे मुक़ाम पर हैं जिसे आशाजनक कहा जा सकता है." उन्होंने कहा कि इस वक़्त प्रगति की बहुत संभावनाएँ हैं, जैसी की पहले कभी भी नहीं रहीं लेकिन साथ ही उन्होंने आगाह भी किया किसी भी तरह की ताज़ा हिंसा से कोई भी समझौता पहुँच के बाहर जा सकता है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने मध्य पूर्व में एक फ़लस्तीनी राष्ट्र बनाने को अपनी प्राथमिकताओं में से एक बताया है. संवाददाता के अनुसार कोंडोलीज़ा राइस की मध्य पूर्व यात्रा से उस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में प्रगति की उम्मीद की जा सकती है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||