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स्पेन में यूरोपीय संविघान के पक्ष में वोट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ के नए संविधान पर हुए पहले जनमतसंग्रह में स्पेन के नागरिकों ने स्पष्ट बहुमत से संविधान के पक्ष में वोट दिया है. लगभग 90 प्रतिशत वोट गिन लिए गए हैं और आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार 70 प्रतिशत मतदाताओं ने संविधान के पक्ष में वोट दिया है. ये जनमतसंग्रह यूरोपीय देशों में होने वाले जनमतसंग्रहों में से पहला है. यूरोपीय संघ के सभी 25 देशों को संविधान को स्वीकृति देनी होगी तब ही ये लागू किया जाएगा. यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोस मैनुयल बारोसो ने कहा है कि इससे लोकतांत्रिक, कार्यकुशल और पारदर्शी यूरोप बनाए जाने की पुष्टि हुई है. यूरोपीय संघ की विदेश नीति चलाने वाले हाविए सोलाना का कहना था कि इससे अन्य यूरोपीय देशों पर भी सकारात्मक असर होगा. प्रधानमंत्री की अपील शुक्रवार को प्रचार के आख़िरी दिन स्पेन के प्रधानमंत्री लुई रॉड्रिगेज़ ज़पातेरो ने स्पेन की जनता से अपील की थी कि वे बड़ी संख्या में मतदान में हिस्सा लें. लेकिन इस जनमतसंग्रह में केवल 42 प्रतिशत मतदाताओं ने भाग लिया. स्पेन में सत्ताधारी और विपक्षी-दोनों पार्टियों ने यूरोपीय संघ के नए संविधान का समर्थन किया है. यूरोपीय संघ में 10 नए देशों को शामिल करने के बाद नए संविधान में निर्णय लेने की प्रक्रिया को कारगर बनाने की कोशिश की गई है. सभी 25 देशों को 2006 तक यूरोपीय संविधान को स्वीकृति देनी है. मैड्रिड से बीबीसी संवाददाता एलिनोर शील्ड्स का कहना है कि ज़पातेरो की अगुआई वाली स्पेन की समाजवादी सरकार को इस जनमतसंग्रह से काफ़ी उम्मीदें थीं. उन्होंने कहा कि स्पेन की जनता ने 1978 में अपने देश के लिए ऐसा ही प्रस्ताव स्वीकृत किया था और जनरल फ़्रांसिस्को फ़्रैंको के बाद देश में लोकतंत्र की स्थापना की थी. ज़पातेरो ने कहा, "एक बार फिर हमारे पास ऐतिहासिक मौक़ा है और हमें इसे व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए. हमें संविधान का समर्थन करना चाहिए." |
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