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यूरोपीय संघ के विस्तार पर समारोह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ के 25 सदस्य देशों के नेता संघ के ऐतिहासिक विस्तार पर गुज़री जश्न की रात के बाद विभिन्न देशों में समारोह चल रहे हैं. संघ के 15 पुराने सदस्य देशों ने साइप्रस, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, हंगरी, लातविया, लिथुआनिया, माल्टा, पोलैंड, स्लोवाकिया और स्लोवेनिया का मध्य रात्रि में स्वागत किया. उसके बाद सारा ध्यान आयरलैंड की ओर चला गया जिसके पास इस समय यूरोपीय संघ की अध्यक्षता है. आयरलैंड की राजधानी डबलिन में हुए विशेष कार्यक्रम में विधिवत तरीक़े से 'फ़्लैग रेज़िंग' समारोह हुआ और आयरलैंड के प्रधानमंत्री बर्टी एहर्न ने नए सदस्यों की तरफ़ औपचारिक रूप से 'दोस्ती का हाथ' बढ़ाया. उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ का विस्तार यूरोप के इतिहास के एक अध्याय को बंद करना और नए को शुरू करने जैसा है. "यूरोपीय संघ शांति की दिशा में बहुत आगे बढ़ गया है और नफ़रत की जगह अब आपसी सम्मान ने ले ली है. विभाजन के स्थान पर एकीकरण है और तानाशाही की जगह अब लोकतंत्र का ज़माना है." यूरोपीय आयोग के प्रमुख रोमानो प्रोदी भी कार्यक्रम में मौजूद थे और उन्होंने भी इसे 'ख़ुशियों का और ऐतिहासिक दिन' बताया. इस अवसर पर सभी 25 देशों के झंडे यूरोपीय संघ के झंडे के साथ फ़हराए गए और यूरोपीय संघ का तराना भी गाया गया. ये झंडे फ़हराने वाले कुछ युवाओं की आँखों से आँसू भी छलके. इसके साथ ही साढ़े 45 करोड़ की आबादी वाला यूरोपीय संघ दुनिया का सबसे बड़ा आर्थिक मोर्चा बन गया है. हज़ारों लोगों ने अपने-अपने देशों में सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठे होकर ख़ुशियाँ मनाईं और पटाख़े चलाए. लोगों ने आतिशबाज़ी का ख़ूब मज़ा लिया. बीबीसी के टिम फ़्रैंक्स का कहना है कि कुछ उत्साही लोग तो संघ के इस विस्तार को सहस्राब्दी की घटना के तौर पर देख रहे हैं. वे इसे बड़े साम्राज्यों के गठन की तरह देखते हैं. आयरलैंड ने सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी कड़ी कर दी है. इस मौक़े पर लगभग 5,000 अधिकारी तैनात किए गए. जश्न रात में जश्न की शुरुआत सबसे पहले हुई साइप्रस और तीन बाल्टिक देशों एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया में. जैसे ही इन देशों में 12 बजे, उत्सव शुरू हो गया. लोग तो पहले से ही सड़कों पर जश्न मनाने के लिए जुट गए थे. पोलैंड में राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर क्वास्नीव्स्की ने यूरोपीय संघ का झंडा फहराया. उसके बाद सैनिक बैंड बजाया गया और फिर जम कर पटाखे छोड़े गए. राष्ट्रपति ने कहा कि पोलैंड के लोगों का सपना हक़ीकत में बदल गया है. लोगों ने भी तालियाँ पीट कर अपने देश के यूरोपीय संघ में शामिल होने का स्वागत किया. 'वेलकम यूरोप'के बैनर हर जगह दिखाई दे रहे थे लेकिन एक बड़े बैनर पर इसका विरोध भी दिख रहा था जिस पर लिखा हुआ था 'नो टू द ईयू'. |
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