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यूरोपीय संविधान पर विरोधाभासी राय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संविधान पर चर्चा, चिंताएँ और विरोधाभासी बयानों का सिलसिला थमता हुआ नज़र नहीं आ रहा है जिससे यह मामला और संवेदनशील होने लगा है. जर्मनी के चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर और फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने बर्लिन में शनिवार को मुलाक़ात के बाद यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से अपील की कि वो यूरोपीय संविधान को स्वीकृति देने की प्रक्रिया जारी रखें. उधर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने यूरोपीय संघ के देशों से अनुरोध किया है कि वे यूरोपीय संविधान के संकट पर किसी फ़ैसले पर पहुँचने से पहले यूरोपीय सम्मेलन का इंतज़ार करें जो जून के अंत में होने वाला है. यूरोपीय संविधान को मंज़ूरी दिलाने की प्रक्रिया जारी रखने की शिराक और श्रोडर की अपील के बारे में टोनी ब्लेयर के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि ये विचार यूरोपीय संघ के 25 में से सिर्फ़ दो देशों के नेताओं के हैं. बीबीसी के राजनीतिक मामलों के एक संवाददाता का कहना है कि ब्रिटेन और फ्रांस-जर्मनी के बीच इस मुद्दे पर तनाव सोमवार को तब और बढ़ने की संभावना है जब ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ यूरोपीय संविधान पर जनमतसंग्रह के बारे में सरकार के फ़ैसले की घोषणा करेंगे.
संभावना व्यक्त की जा रही है कि ब्रिटेन सरकार यूरोपीय संविधान पर जनमतसंग्रह टालने का मन बना चुकी है. रात्रिभोज पर दोनों नेताओं की बातचीत के बाद जर्मन सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, "चांसलर श्रोएडर और राष्ट्रपति शिराक इस बात पर सहमत हैं कि संवैधानिक प्रक्रिया जारी रखी जानी चाहिए, ताकि हर सदस्य देश के फ़ैसले को महत्व मिल सके." मुलाक़ात के बारे में फ़्रांस सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों नेताओं ने यूरोप के घटनाक्रम पर और आगे बढ़ने के उपायों पर पूर्ण एकजुटता दिखाई. बर्लिन से बीबीसी संवाददाता रे फर्लांग के अनुसार शिराक निश्चय ही श्रोएडर से ईर्ष्या कर रहे होंगे क्योंकि जर्मन चांसलर ने बिना किसी विवाद के संसद से यूरोपीय संविधान को मंज़ूरी दिला ली. ब्रिटेन का पेंच हमारे संवाददाता के अनुसार दोनों नेता को इस बात की आशंका तो सता ही रही होगी कि ब्रिटेन इसी महीने होने वाले यूरोपीय शिखर सम्मेलन से पहले यूरोपीय संविधान के मृतप्राय होने की घोषणा न कर दे. शनिवार की मुलाक़ात में दोनों नेताओं ने यूरोपीय संघ के 2007-2013 के बजट पर चर्चा की. यूरोपीय संघ में सर्वाधिक आर्थिक योगदान करने वाला जर्मनी चाहता है कि ब्रिटेन अपना योगदान बढ़ाए. ग़ौरतलब है कि मार्गरेट थैचर ने 1984 में ब्रिटेन को बजट छूट दिलाई थी. इस बीच यूरोपीय आयोग के प्रमुख जोज़े मैनुएल बरोसो ने यूरोपीय नेताओं से अपील कि है कि वे संकट की इस घड़ी को एक अवसर में बदलने की कोशिश करें. |
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