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नीदरलैंड ने भी संविधान को नकारा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नीदरलैंड में यूरोपीय संघ के प्रस्तावित संविधान पर हुए जनमत संग्रह के बाद हुए सर्वेक्षण के अनुसार नीदरलैंड के नागरिकों ने भी संविधान को नकार दिया है. फ़्रांस पहले ही प्रस्तावित संविधान को नकार चुका है. पहले से ही संभावना जताई जा रही थी कि फ़्रांसीसी इसे नकार देंगे. नीदरलैंड के प्रधानमंत्री जॉन पीटर बालकेनेंदे ने कहा कि सरकार इससे ख़ुश नहीं है लेकिन लोगों की भावनाओं का सम्मान करती है और गुरुवार को संसद में इस पर चर्चा होगी. 63 प्रतिशत ख़िलाफ़ नीदरलैंड के सरकारी टीवी पर प्रसारित मतदान के बाद सर्वेक्षण के नतीजों ने पर्यवेक्षकों को चौंका दिया है. सर्वेक्षण के अनुसार जिन लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया उनमें से 63 प्रतिशत ने प्रस्तावित संविधान के ख़िलाफ़ मतदान किया. कुल मतदान 62 प्रतिशत रहा. ये नतीजा नीदरलैंड की संसद पर बाध्य नहीं है लेकिन संसद ने ये स्पष्ट कर दिया था कि यदि मतदान में 30 प्रतिशत से ज़्यादा लोग भाग लेते हैं तो वह लोगों की भावनाओं पर ध्यान ज़रूर देगी. जनमत संग्रह के आधिकारिक नतीजे गुरुवार को पता चलेंगे. बीबीसी के यूरोपीय मामलों के संवाददाता का कहना है कि इसके बाद पूरे यूरोप को इस मुद्दे पर गंभीरता से सोचना होगा. यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोस मैनुयल बारोसो ने यूरोप के नेताओं से अनुरोध किया है कि वे प्रस्तावित संविधान की पुष्टि के बारे में जल्दबाज़ी में कोई फ़ैसला न करें. |
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