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नए पोप ने शुरु किया काम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैथोलिक ईसाईयों के नए धर्मगुरु पोप बेनेडिक्ट 16वें ने वैटिकन के सिस्टीन चैपल में प्रार्थना सभा की जिसके साथ ही उनका कामकाज शुरु हो गया है. सिस्टीन चैपल में यह प्रार्थना सभा निजी थी जो उन कार्डिनलों के लिए थी जिन्होंने पोप को चुना. लेकिन दुनिया भर में इसे टेलीविज़न पर प्रसारित किया गया. इससे पहले मंगलवार को रोमन कैथोलिक चर्च के 115 कार्डिनलों ने चार दौर के मतदान के बाद जोज़फ़ रैत्सिंगर को लगभग एक अरब रोमन कैथोलिक ईसाइयों का नया पोप यानी धर्मगुरु चुना. पोप बेनेडिक्ट 16 रविवार को औपचारिक तौर पर एक समारोह में अपना कार्यभार संभालेंगे. जोज़फ़ रैत्सिंगर जर्मनी से कार्डिनल रहे हैं और लगभग 20 साल तक स्वर्गीय पोप जॉन पॉल द्वितीय के क़रीबी माने जाते रहे. वे बेनेडिक्ट-16वें कहलाएँगे. वे वैटिकन में सेंट पीटर चर्च की बैलकनी में आए और हज़ारों की संख्या में मौजूद लोगों ने तालियाँ बजाकर और नारे लगाकर उनका स्वागत किया. श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने पूरी दुनिया को उनके लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया. इससे पहले वैटिकन के सिस्टीन चैपल की चिमनी से सफ़ेद धुआँ निकालकर और घंटियाँ बजाकर नए पोप के चुनाव का संकेत दिया गया. नए पोप का चुनाव चौथी बार मतदान के बाद संभव हो पाया. वे 265वें पोप हैं. चुनाव के बाद सबसे पहले नए पोप के सामने 115 कार्डिनल्स ने उनका समर्थन करने की शपथ ली. जैसे ही चर्च की घंटियाँ बजने लगीं वैसे ही लोगों ने - "पोप अमर रहें" -के नारे लगाने शुरु कर दिए. नए पोप का चुनाव दो-तिहाई बहुमत से हुआ है. इससे पहले तीन बार मतदान के बाद फ़ैसला नहीं हो पाया था और काले धुएँ से लोगों को बताया गया था कि निर्णय नहीं हो पाया है. इस बारे में अभी और जानकारी आ रही है. |
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