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पोप ने इस्तीफ़ा देने का सोचा था | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जहाँ रोम में पोप जॉन पॉल द्वितीय के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है वहीं वैटिकन ने विश्व के नाम उनके आख़िरी आधिकारिक संदेश को सार्वजनिक किया है. इस दस्तावेज़ में पोप जॉन पॉल ने कहा है कि सन 2000 में उनके दिमाग में अपने पद से इस्तीफ़ा देने का विचार आया था. उनका कहना है कि तब ईसाई आधिकारिक तौर पर अपने धर्म के 2000 साल मना रहे थे. पोप जॉन पॉल के अंतिम संदेश में कहा गया है कि वे 80 साल के हो गए थे इसलिए उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि अपना काम जारी रखने के लिए वह उन्हें शक्ति दें. पोप जॉन पॉल ने उन्हें सहयोग देने के लिए पूरी दुनिया का और अन्य धर्मों के लोगों का भी धन्यवाद किया.
उधर रोम में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. वहाँ लाखों श्रद्धालुओं के साथ विश्व के 200 नेता पोप जॉन पॉल के अंतिम संस्कार के समारोह में भाग लेंगे. अधिकारियों के अनुसार रोम की सामान्य जनसंख्या से इस समय दो गुना लोग वहाँ मौजूद हैं. रोम में अधिकारियों ने अपील की है कि पोप जॉन पॉल द्वितीय को श्रद्धांजलि देने के लिए आ रहे हज़ारों लोग रोम के बाहरी इलाक़ों में ही रहें क्योंकि शहर में इतने लोगों के आने से व्यवस्था चरमरा रही है. पोप का अंतिम संस्कार शुक्रवार को होना है. |
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