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पोप के दर्शनों के लिए ताँता लगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैटिकन में सेंट पीटर बैसीलिका के द्वार खोल दिए गए हैं ताकि श्रद्घालु पोप जॉन पॉल द्वितीय के अंतिम दर्शन कर सकें और उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें. सेंट पीटर चौराहे पर हज़ारों की संख्या में लोग पोप के अंतिम दर्शनों के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं. पोप जॉन पॉल द्वितीय का अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा. वैटिकन के प्रवक्ता ने बताया कि अंतिम संस्कार स्थानीय समय के अनुसार सुबह दस बजे होगा, यानी भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर डेढ़ बजे. इसी के साथ नए पोप के चुनाव की तैयारी के लिए कार्डिनलों की बैठक भी शुरू हो गई है. पोप के अंतिम दर्शनों के लिए भारी भीड़ के उमड़ने की संभावना को देखते हुए इटली की सरकार बड़े पैमाने पर इंतज़ाम कर रही है. संभावना जताई गई है कि बीस लाख से भी ज़्यादा लोग पोप के अंतिम दर्शनों के लिए वैटिकन आएंगे जहाँ उनका शव रखा गया है. पोप के अंतिम संस्कार के लिए व्यापक इंतज़ाम किए जा रहे हैं साथ ही लोगों की संख्या को देखते हुए ज़रूरी चीज़ों की माँग भी बढ़ जाएगी. रोम में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि होटल और मेहमान घर पहले से ही भर गए हैं इसलिए खेल के मैदानों में अस्थाई निवासघर बनाए जा रहे हैं ताकि आगंतुकों के लिए ठहरने का इंतज़ाम तो किया जा सके. जो लोग सेंट पीटर्स चौक पर पहुँचने में नाकाम होंगे, उनके लिए बड़े टेलीविज़न पर्दे लगा जा रहे हैं ताकि वे पोप का अंतिम संस्कार देख सकें. दुनिया भर के एक अरब से भी अधिक रोमन कैथोलिक ईसाईयों में से बहुत से लोग अपने धार्मिक गुरु पोप जॉन पॉल द्वितीय की याद में प्रार्थनाएँ कर रहे हैं. शनिवार को पोप का निधन हो गया था जिसके बाद अब चर्च ने नौ दिन के शोक की घोषणा की है. वे 84 वर्ष के थे और काफ़ी समय से बीमार थे. दुनिया भर से आए कार्डिनल आज रोम में मिले. रोम से बीबीसी संवाददाता जिल मैकगिवरिंग का कहना है कि विभिन्न देशों से आए इन कार्डिनल ने एक बैठक में जाना कि ख़ुद पोप विभिन्न मसलों पर क्या चाहते थे और उसके बाद बताया गया कि पोप का अंतिम संस्कार कैसे होगा. दुनिया भर से पोप के दर्शन के लिए आ रहे लोगों की व्यवस्था देख रहे हैं लूका ओडावीना ने कहा “अंतिम संस्कार की सारी प्रक्रिया की देखरेख हम कर रहे हैं, ये अपने आप में रोम और वैटिकन के लिए एक बड़ा काम होगा क्योंकि लाखों लोग आने वाले पाँच दिनों में यहाँ आने वाले हैं. चार दिन तक पोप का पार्थिव शरीर सेंट पीटर्स बेसिलिका में दर्शन के लिए रखा जाएगा और फिर अंतिम संस्कार होगा.” इन लाखों दर्शनार्थियों में शामिल होंगे पोप जॉन पॉल के अंतिम दर्शन करने आ रहे 200 से ज़्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष. ये भी तय हो गया है कि पोप के पार्थिव शरीर को रोम में ही दफ़नाया जाएगा. पहले अटकलें लगाईं जा रही थीं कि पोप को उनके गृहराष्ट्र पोलैंड में दफ़नाया जा सकता है.
बीबीसी के धार्मिक मामलों के संवाददाता जेन लिटल का कहना है कि पोप जॉन पॉल द्वितीय के बाद अब पोप कौन बन सकता है ये तय करने के लिए गुप्त मतदान इस महीने के अंत तक ही होगा. इतालवी राजनेता रॉको बुटिग्लियोनी ने पोप के दर्शन पर एक क़िताब लिखी है. उनका कहना है “कुछ प्रभावशाली धार्मिक नेता या पैस्टर लातिन अमरीका, अफ़्रीका, एशिया और अमरीका में हैं. इनमें से कोई भी पोप बन सकता है. यूरोप से भी कई प्रभावशाली पैस्टर हैं लेकिन चर्च तो पूरी दुनिया का है.” पोप की स्मृति में सेंट पीटर्स स्कवॉयर पर आयोजित प्रार्थना सभा के लिए हज़ारों लोग जमा हुए हैं. उनके निधन की ख़बर के बाद दुनियाभर में लाखों लोग शोक में डूब गए हैं. उनके निधन पर लोग रो रहे हैं और प्रार्थनाएँ कर रहे हैं. रोम के सेंट पीटर्स स्क्वॉयर में लगभग एक लाख लोगों ने मोमबत्तियों जलाकर प्रार्थना की. इसके पहले शनिवार रात को पोप के निधन के बाद शहर के गिरजाघरों की घंटियाँ बजाईं गईं. |
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