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नए पोप का कहीं स्वागत, कहीं आपत्ति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी के चांसलर गैरहर्ड श्रोडर ने जोज़फ़ रैत्सिंगर को पोप जॉन पॉल का सही उत्तराधिकारी बताया है तो अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी उनके चुनाव का स्वागत किया है. लेकिन बर्लिन में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जर्मनी में बहुत से उदारवादियों ने नए पोप के चुनाव पर कुछ आपत्तियाँ जताई हैं. जर्मन इंटर-फ़ेथ ग्रुप चर्च के बर्न्ड गोहरिंग का कहना था कि नए पोप का चुना जाना एक अनर्थ फ़ैसला है और आने वाले सालों में चर्च में कोई सुधार नहीं होने वाला है. जर्मनी में एक साप्ताहिक पत्रिकार ने हाल ही में एक सर्वेक्षण कराया था जिसमें भाग लेने वालों में से एक तिहाई लोगों ने कार्डिनल रैत्सिंगर को पोप चुने जाने के ख़िलाफ़ इच्छा व्यक्त की थी. उधर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने नए पोप को महान बुद्धिमत्तता और ज्ञान वाला व्यक्ति क़रार दिया है. लेकिन अमरीका में कैथोलिक चर्च में कुछ उदारवादियों ने इस पर चिंता व्यक्त की है कि नए पोप के नेतृत्व में नैतिक मुद्दों पर कोई राय एक जुट हो पाएगी भी या नहीं? कुछ आलोचकों का कहना है कि नए पोप के परंपरावादी विचारों की वजह से ध्रुवीकरण हो सकता है. बुश ने पोप जॉन पॉल द्वितीय के अंतिम संस्कार के समय कार्डिनल रैत्सिंगर से मुलाक़ात की थी. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने पोप बेनेडिक्ट को इस चुनाव पर बधाई देते हुए कहा है कि चर्च और संयुक्त राष्ट्र दोनों ने ही शांति और सामाजिक न्याय के लिए दृढ़ संकल्प दिखाया है. जोज़फ़ रैत्सिंगर जर्मनी से कार्डिनल रहे हैं और लगभग 20 साल तक स्वर्गीय पोप जॉन पॉल द्वितीय के क़रीबी माने जाते रहे. |
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