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पोप की अंगूठी और मोहर नष्ट की गईं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रोमन कैथोलिक ईसाइयों को धर्म गुरू पोप जॉन पॉल के निधन के बाद नौ दिन का शोक शनिवार को समाप्त हो गया और उनकी निजी अंगूठी और मोहर भी नष्ट कर दी गई हैं. इस प्रतीकात्मक रस्म के साथ ही रोमन कैथोलिक चर्च पर पोप जॉन पॉल द्वितीय का आधिपत्य औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है. यह रस्म कार्डिनल एडुवर्डो मार्डिनेज़ की देखरेख में हुई जो नए पोप के चुनाव तक प्रभारी भी हैं. इस रस्म में 143 कार्डिनल शामिल हुए. ग़ौरतलब है कि पोप जॉन पॉल द्वितीय का गत दो अप्रैल को निधन हो गया था. नया पोप चुने जाने पर सोने की नई अंगूठी बनाई जाती है जिस पर पोप का नाम खुदवाया जाता है. उधर नौ दिन का शोक समाप्त होने के मौक़े पर वैटिकन में एक विशेष प्रार्थना की गई. शोक समाप्त होने के बाद अब रविवार को 150 कार्डिनल वैटिकन में हॉस्टल में पहुँच जाएंगे जहाँ नए पोप के चयन के लिए सोमवार से गुप्त बैठकें होनी हैं. इन बैठकों में पूर्ण गोपनीयता रखने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए जा रहे हैं. मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई जा रही है और कार्डिनलों की बैठकों में होने वाली बातचीत को बाहर जाने से रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं. जो भी लोग इस दौरान कार्डिनलों के संपर्क में आएंगे उन्हें गोपनीयता की क़सम खिलाई जाएगी. अलबत्ता कार्डिनलों को हर दिन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद दिन के अंत में उस स्थान से बाहर जाने की इजाज़त होगी जहाँ यह बैठक होगी. इतना ही नहीं, वैटिकन के कुछ हिस्सों को सील कर दिया जाएगा और वहाँ किसी को भी आने-जाने की इजाज़त नहीं होगी. जब तक नए पोप के नाम का चयन नहीं हो जाता, तब तक हर रोज़ कार्डिनल चार बार मतदान के ज़रिए अपनी राय ज़ाहिर करते रहेंगे. |
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