| पोप के अंतिम संस्कार में लाखों जुटे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रोमन कैथोलिक धर्मगुरू पोप जॉन पॉल द्वितीय का वैटिकन में अंतिम संस्कार किया गया है. समारोह के दौरान 200 से ज़्यादा विश्व नेता और लाखों लोग वहाँ मौजूद थे. आधुनिक विश्व में किसी पोप की इतने बड़े पैमाने पर पहली बार अंत्येष्टि हुई है. इस अवसर पर दुनिया के कई देशों के राजा-रानी, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री भी मौजूद रहे. साथ ही रोमन कैथोलिक कार्डिनल और बिशपों के अलावा अन्य धार्मिक नेता भी सेंट पीटर की बासिलिका में मौजूद थे. पोप के अंतिम संस्कार के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना हुई. रोम में इसराइली राष्ट्रपति मोशे कात्साव ने कहा कि उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति से हाथ मिलाया और ईरान के राष्ट्रपति से फ़ारसी में बात की. इसराइल और ईरान के राष्ट्रपति दोनों ही ईरान के शहर यज़्द में पैदा हुए थे. यहाँ महत्वपूर्ण बात ये है कि ईरान और सीरिया दोनों ही इसराइल को एक देश नहीं मानते हैं और उस दृष्टि से ये कहा जा सकता है कि कुछ देर के लिए ही सही पोप के कारण इन तथाकथित दुश्मन देशों के राष्ट्राध्यक्ष सौहार्द्रपूर्ण तरीके से मिल सके. पोप का अंतिम संस्कार इसी बासिलिका में हुआ जिसके बाद वैटिकन परिसर मे ही पोप को उनके पूर्ववर्ती पोपों की क़ब्रों के समीप दफ़नाया गया.
बाहर सेंट पीटर्स स्क्वायर में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए लाखों श्रद्धालु पोप की अंत्येष्टि का सीधा प्रसारण टेलीविज़न के बड़े पर्दों पर देख सके. पोप का अंतिम संस्कार क़रीब तीन घंटे चला जिसका संचालन कार्डिनल जोसेफ़ रैट्ज़िंगर ने किया. कार्डिनल रैट्ज़िंगर अभी उन कार्डिनलों के डीन हैं जिनको 18 अप्रैल के बाद नए पोप को चुनने के लिए गुप्तसभा करनी है. सेंट पीटर्स बासिलका में पिछले तीन दिनों में लगभग 20 लाख लोगों ने पोप के पार्थिव शरीर को अंतिम श्रद्धांजलि दी. सुरक्षा और शिरकत पोप के अंतिम संस्कार के लिए पूरी दुनिया से लगभग 200 राजनेता और धार्मिक नेता रोम में इकट्ठा हुए जिसके कारण सुरक्षा के ज़बरदस्त प्रबंध किए गए. रोम के हवाई क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी गई और नीचे ज़मीन पर भी हज़ारों अतिरिक्त सैनिकों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया.
पोप के अंतिम संस्कार के लिए आए प्रमुख नेताओं में अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यु बुश, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक शामिल हुए. दुनिया के सबसे बड़े कैथोलिक राष्ट्र ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुला डिसिल्वा भी वहाँ अंतिम संस्कार में शामिल हुए. मुस्लिम नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी और फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई भी मौजूद थे. अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश अपने पिता और पूर्व राष्ट्रपति बुश सीनियर तथा एक और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के साथ पहले ही पोप को श्रद्धांजलि दे चुके थे. पोप को श्रद्धांजलि देने के लिए इतने अधिक लोग रोम आए कि इस कारण रोम की सामान्य जनसंख्या दोगुनी हो गई और इससे शहर में आवश्यक सुविधाओं को उपलब्ध करवाने में दिक़्क़त आई. |
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