| हज़ारों श्रद्धालु पोप के मकबरे पर पहुँचे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैटिकन में सेंट पीटर की बासिलिका में रोमन कैथोलिक धर्मगुरू पोप जॉन पॉल द्वितीय के मकबरे को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. पोप का अंतिम संस्कार इसी बासिलिका में हुआ था जिसके बाद वैटिकन परिसर मे ही पोप को उनके पूर्ववर्ती पोपों की क़ब्रों के समीप दफ़नाया गया था. मकबरे को लोगों के लिए खोले जाने से पहले ही हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु गेट के बाहर जमा थे और अंदर जाने का इंतज़ार कर रहे थे. उनकी कब्र के ऊपर एक साधारण सफ़ेद संगमरमर है जिसमें लैटिन भाषा में उनका नाम और जिन वर्षों में वे पोप रहे, वह अंकित किया गया है. उनकी इच्छा के अनुसार उनके ताबूत को साधारण तरीके से धरती पर ही रखा गया है. संभावना है कि अगले कुछ दिनों में हज़ारों की संख्या में लोग उनके मकबरे पर आएँगे और इनमें से कई उनके जन्म के देश पोलैंड के नागरिक होंगे जो उनके अंतिम संस्कार के बाद भी रोम में ही हैं. उधर इतालवी समाचार माध्यमों का कहना है कि कार्डिनल्स ने एक माँगपत्र पर हस्ताक्षर किए हैं जो अगले पोप को सौंपा जाएगा और इसमें माँग की गई है कि पोप जॉन पॉल द्वितीय को संत बनाए जाने की प्रक्रिया को तेज़ किया जाए. कार्डिन्लस अगले हफ़्ते नए पोप के चुनाव के लिए मिल रहे हैं. रोमन कैथोलिक चर्च के एक उच्चाधिकारी का कहना है कि पोप जॉन पॉल को संत बनाने की प्रक्रिया अक्तूबर तक शुरु हो सकती है और छह महीने के भीतर उन्हें संत घोषित किया जा सकता है.जनसंख्या दोगुनी हो गई और इससे शहर में आवश्यक सुविधाओं को उपलब्ध करवाने में दिक़्क़त आई. |
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