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मंगलवार, 19 अप्रैल, 2005 को 02:41 GMT तक के समाचार
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फिर निकला काला धुआँ, फिर होगा मतदान
इंतज़ार
पहले दिन सोमवार को किसी नाम पर सहमति नहीं बन पाई
रोम में सिस्टीन चैपल की चिमनी से फिर काला धुआँ निकला है जिसका मतलब है कि मंगलवार को हुए पहले दो मतदानों में भी कार्डिनलों में नए पोप पर फ़ैसला नहीं हो सका है.

वैटिकन में नए पोप को चुनने के लिए 115 धर्मगुरू आज दूसरे दिन गुप्तसभा कर रहे हैं.

ये कार्डिनल हर दिन चार बार मतदान करेंगे और नए पोप के नाम पर फ़ैसले के लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है.

हर दिन दो बार मतदान के बाद मतपत्रों को जलाया जाएगा.

मंगलवार को अब भारतीय समयानुसार रात साढ़े दस बजे या ग्रीनिच मान समयानुसार शाम पाँच बजे चिमनी से कोई धुआँ निकल सकता है.

सोमवार को पहली बार हुए चुनाव में भी कार्डिनल सहमत नहीं हो सके थे जिसके बाद चिमनी से काला धुआँ निकला.

जब किसी एक व्यक्ति के नाम पर दो-तिहाई कार्डिनल सहमत हो जाएँगे तो चिमनी से सफ़ेद धुआँ निकलेगा जो इस बात का संकेत होगा कि नए पोप पर फ़ैसला हो गया है.

साथ ही इस दफ़ा पहली बार नए पोप के चुनाव की सूचना देने के लिए सेंट पीटर की बासिलिका से घंटियाँ भी बजाई जाएँगी.

पोप जॉन पॉल का उत्तराधिकारी चुनने के लिए चल रही इस प्रक्रिया में कितना समय लगेगा यह कहना मुश्किल है, जब तक निर्णय नहीं हो जाता तब तक लोगों के पास उत्सुकता के साथ इंतज़ार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.

पोप के चयन की प्रक्रिया बहुत ही गोपनीय है और एक दिन में चार बार तक मतदान होता है, मतपत्रों को वोटिंग के बाद काला धुआँ छोड़ने वाले रसायन के साथ जलाया जाता है.

मतपत्रों को एक विशेष रसायन के साथ जलाया जाता है जिससे काला और सफ़ेद धुआँ उठता है.

 लोग सोचते हैं कि हम चुनाव की तरह वोट डालेंगे लेकिन उससे बहुत अलग है, हम वहाँ ईश्वर और अंतरआत्मा की आवाज़ सुनेंगे
एक कार्डिनल

इस कार्यवाही की जानकारी बाहरी दुनिया तक नहीं पहुँचे इसके लिए कड़े उपाय किए गए हैं, इसके लिए सभी धर्मगुरूओं और उनके संपर्क में आने वाले कर्मचारियों ने मौन रखने की प्रतिज्ञा की है.

वैटिकन के कुछ इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया गया है, चैपल के अंदर अख़बार, टीवी, मोबाइल फ़ोन आदि का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है, इतना ही नहीं, चैपल की पूरी जाँच की गई है कि कहीं कैमरे या माइक्रोफ़ोन तो नहीं छिपाए गए हैं.

ज़्यादातर कार्डिनल वैटिकन के भीतर ही बने एक होटल में ठहरे हैं जिसे पोप जॉन पॉल द्वितीय ने इसी उद्देश्य से बनाने के निर्देश दिए थे कि अगले पोप के चुनाव में भाग लेने वाले कार्डिनल वहाँ आराम कर सकें.

रविवार को लातीनी अमरीकी देश हांडूरस के कार्डिनल आंद्रेस रॉड्रिग्स ने कहा, "लोग सोचते हैं कि हम चुनाव की तरह वोट डालेंगे लेकिन उससे बहुत अलग है, हम वहाँ ईश्वर और अंतरआत्मा की आवाज़ सुनेंगे."

कुछ जानकारों का कहना है कि इस बार के पोप के चुनाव में उदारवादी और कट्टरपंथी धर्मगुरूओं के बीच तकरार हो सकती है और 'कॉन्क्लेव' लंबा खिंच सकता है.

मतदान के विवरण को नए पोप के चुनाव के एक सौ वर्ष बाद ही जारी किया जाता है, उससे पहले तक यह गोपनीय होता है.

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