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मंगलवार, 01 मार्च, 2005 को 16:54 GMT तक के समाचार
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फ़लस्तीनियों को मदद देने पर सहमति
ब्लेयर और महमूद अब्बास
ब्लेयर का कहना है कि फ़लस्तीनी शासन ख़ुद को विश्वसनीय सहयोगी के रूप में साबित करे
अंतरराष्ट्रीय समुदाय और फ़लस्तीनी प्रशासन एक व्यावहारिक फ़लस्तीनी राष्ट्र के निर्माण के लिए व्यावहारिक कदमों पर राज़ी हो गया है.

मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया को और आगे बढ़ाने के लिए लंदन में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यह समझौता हुआ है.

बैठक में प्रशासन, सुरक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक विकास जैसै मुद्दों पर चर्चा हुई और ये सहमति बनी.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इस बारे में कहा कि यह समझौता न केवल फ़लस्तीनियों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है.

फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने दुनिया भर से आए नेताओं से कहा है कि वो चरमपंथियों को समाप्त करने और सुधारों के लिए पूर्ण रुप से प्रतिबद्ध हैं.

अब्बास फ़लस्तीनी प्राधिकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के तहत लंदन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

इसमें 20 से भी अधिक देशों के नेताओं ने भाग लिया है जिनमें से प्रमुख थीं अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस.

राइस ने अपील की कि इसराइली ऐसी कोई कार्रवाई न करें जिससे मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया को झटका लगे.

इसराइल इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहा हे लेकिन इस पर नज़र रखे हुए है.

सम्मेलन में जारी 17 पृष्ठों के बयान में एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और भौगोलिक रुप से इसराइल से जुड़े फ़लस्तीनी राष्ट्र की कल्पना की गई है.

बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धताएं भी चिन्हित की गई हैं जिनके तहत अमरीकी नेतृत्व वाली एक समिति को सुरक्षा संबंधी मामले देखने हैं.

इसमें इसराइली पक्ष से ऐसी गतिविधियां बंद करने की अपील की गई है जिससे आर्थिक कार्यों को नुकसान पहुँच रहा है.

विश्व बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए.

सम्मेलन में शामिल होनेवाले महत्वपूर्ण नेताओं में थे - ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस, संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान और फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास.

महत्व

सम्मेलन की शुरुआत करते हुए टोनी ब्लेयर ने कहा कि सम्मेलन में जिन विषयों पर चर्चा होगी वे केवल मध्य पूर्व तक ही सीमित नहीं हैं क्योंकि इस क्षेत्र में शांति का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है.

फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने कहा कि इस सम्मेलन से उस हिंसा और प्रतिहिंसा को रोकने के लिए अनुकूल माहौल बनाने की ज़रूरत पर बल दिया जाएगा जिसके कारण शांति प्रक्रिया बाधित हो रही है.

उन्होंने पिछले सप्ताह तेल अवीव में एक रात्रिक्लब में आत्मघाती बम हमले की कड़े शब्दों में निंदा की जिसमें पाँच लोग मारे गए थे.

वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा कि ये सम्मेलन बिल्कुल सही समय पर हो रहा है.

उन्होंने हिंसा की रोकथाम के लिए किए गए महमूद अब्बास के प्रयासों की सराहना की और कहा कि एक स्वतंत्र सक्षम फ़लस्तीनी राष्ट्र के निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है.

उम्मीद

मध्य पूर्व के मसले पर पिछले कुछ समय में हुआ ये सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय जमावड़ा है.

बीबीसी के कूटनीतिक संवाददाता जॉनथन मार्कस का कहना है कि तेल अवीव में पिछले दिनों हुए आत्मघाती बम हमलों के बावजूद नए फ़लस्तीनी नेतृत्व, ग़ज़ा से हटने की इसराइली योजना और इस क्षेत्र में अमरीका की कूटनीतिक रुचि ने शांति को लेकर लोगों में उम्मीद की एक किरण जगाई है.

इस बैठक के ज़रिए ये भी दिखाने की कोशिश हो रही है कि अब्बास को पूरा अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल है.

वैसे आम फ़लस्तीनी लोग अपने जीवन पर असर डालने वाले किसी भी व्यावहारिक क़दम का स्वागत करेंगे मगर यदि वे इस बात के लिए आश्वस्त होना चाहें कि उनकी ज़िंदग़ी में वास्तव में सकारात्मक असर होगा तो वे शांति प्रक्रिया को विस्तृत स्वरूप में देखना चाहेंगे.

फ़लस्तीन के प्रतीक
फ़लस्तीनी संघर्ष के प्रतीक यासिर अराफ़ात का पेरिस में निधन हो गया.
अराफ़ातऐतिहासिक इंटरव्यू
अराफ़ात ने 1977 में अपने गुप्त ठिकाने पर बीबीसी से बात की थी. वीडियो देखें-
यासिर अराफ़ातअराफ़ात के बाद?
अराफ़ात की मौत के बाद फ़लस्तीनी संकट में क्या-क्या हो सकता है?
यासिर अराफ़ात अराफ़ात का संघर्ष
यासिर अराफ़ात पिछले कई दशकों से फ़लस्तीनियों के नेता और उनके अलग देश की माँग के प्रतीक रहे हैं.
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