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अब्बास चरमपंथी गुटों को मनाने गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास इसराइल के साथ संघर्ष विराम में शामिल होने के मुद्दे पर चरमपंथी गुटों को मनाने के लिए गज़ा पहुँच गए हैं. शनिवार को अब्बास और चरमपंथी गुटों के नेताओं के बीच बातचीत होने की उम्मीद है. पिछले दिनों गज़ा पट्टी में यहूदी बस्तियों पर कई हमलों के बाद संघर्ष विराम पर सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब्बास पर इसराइल और अमरीका की ओर से दबाव कि वे चरमपंथी हमलों को बंद करवाएँ. उनका ये भी कहना है कि हमास को मनाना अब्बास के लिए बहुत कठिन काम हो सकता. फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों का कहना है कि वे महमूद अब्बास की बात सुनने को तैयार हैं लेकिन उन्हें इसराइली हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है. दूसरी ओर इसराइल और फ़लस्तीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने संघर्ष विराम पर बातचीत की है. इसराइल के उप प्रधानमंत्री शिमॉन पेरेज़ और फ़लस्तीनी मंत्री साएब एराकात ने तेल अवीव में मुलाक़ात की. दोनों नेताओं ने संघर्ष विराम को जारी रखने के तरीक़ों पर चर्चा की. मंगलवार को मिस्र के शर्म-अल- शेख़ में इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने संघर्ष विराम की घोषणा की थी. जवाब इसराइल ने गज़ा पट्टी की यहूदी बस्तियों पर हमले का जवाब नहीं दिया है लेकिन उसने धमकी दी है कि अगर महमूद अब्बास हिंसा रोकने में नाकाम रहे तो वह कार्रवाई करेगा.
चरमपंथी गुट हमास द्वारा गज़ा पट्टी में मोर्टार हमले के बाद महमूद अब्बास ने अपने तीन शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को बर्ख़ास्त कर दिया था. इसराइल के रक्षा उप मंत्री ज़ीव बोइम ने अब्बास द्वारा तुरंत की गई कार्रवाई की सराहना की. लेकिन उन्होंने अब्बास से यह भी अपील की कि वे चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सीधी कार्रवाई करें. बोइम ने कहा, "हमने अभी भी संयम रखने की नीति बनाए रखी है लेकिन यह हमेशा नहीं बना रहेगा. महमूद अब्बास को क़दम उठाना चाहिए." लेकिन चरमपंथी संगठन हमास का कहना है कि वह संघर्ष विराम की घोषणा से बँधा हुआ नहीं है. गज़ा से बीबीसी संवाददाता एलेन जॉन्स्टन का कहना है कि गज़ा में यहूदी बस्तियों पर हमला महमूद अब्बास को सीधी चुनौती है. |
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