|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य पूर्व में लोकतंत्र प्राथमिकता: बुश
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि मध्य पूर्व में लोकतंत्र को बढ़ावा देना अमरीका की प्राथमिकता होगी. साथ ही उन्होंने हिंसा को बढ़ावा देनेवाले नेताओं को आगाह भी किया. इसे मध्य पूर्व पर राष्ट्रपति बुश की नीति का महत्वपूर्ण बयान माना जा रहा है. वॉशिंगटन में भाषण देते हुए उन्होंने कहा फ़लस्तीनी लोगों के लिए लोकतंत्र की राह ही एक मात्र विकल्प है और उन्हें उन नेताओं की बात नहीं माननी चाहिए जो हिंसा को बढ़ावा देते हैं.
राष्ट्रपति बुश ने कहा कि मध्य पूर्व में जनता को ज़िम्मेदारी वाला नेतृत्व मिलना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा है कि ईरान में भी नेताओं को ईरानी जनता की लोकतांत्रिक सुधारों की माँग मान लेनी चाहिए. उन्होंने सऊदी अरब में भी लोकतंत्र की आवश्यकता का ज़िक्र किया. राष्ट्रपति बुश ने कहा मिस्र ने मध्य पूर्व में शांति का रास्ता दिखाया है अब उसे लोकतंत्र का रास्ता दिखाना चाहिए. स्वतंत्रता और लोकतंत्र उन्होंने कहा,"जो लोग कहते हैं कि इस्लाम और लोकतंत्र साथ-साथ नहीं चल सकते वे संस्कृति को भेदभाव के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं." उनका कहना था,"मध्य पूर्व के कई देशों में स्वतंत्रता के अभाव के कारण जनता के लिए ख़तरनाक परिणाम हो सकते हैं. इसीलिए वहाँ ग़रीबी है और महिलाओं को स्वतंत्रता नहीं है." उन्होंने आरोप लगाया कि इराक़ और सीरिया में तानाशाहों के शासन के कारण उत्पीड़न और दमन का एक इतिहास है. मॉरक्को की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि अफ़्रीका और मध्य पूर्व में लोग परिवर्तन की ज़रूरत समझ रहे हैं. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि मॉरक्को के शाह का ये कहना बिलकुल सही है कि मुस्लिम देशों का भविष्य तभी बेहतर होगा जब महिलाओं का भविष्य सुधारा जाएगा. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||