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राइस बातचीत के लिए पश्चिमी तट पहुँचीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य पूर्व के दौरे पर निकली अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस सोमवार को फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास से मिलने पश्चिमी तट पहुँची हैं. राइस रविवार को इसराइल पहुँची थीं और वहाँ उन्होंने इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन से बातचीत की. उन्होंने इसराइल से कहा था कि अब वक़्त आ गया है कि उसे फ़लस्तीनियों के साथ अपने संबंधों के मामले में मुश्किल फ़ैसले करने होंगे. राइस ने इसराइल से कहा था कि वह शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और आम फ़लस्तीनियों को "आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए प्रोत्साहित" करने के लिए मुश्किल फ़ैसले करने के लिए तैयार रहे. राइस का यह दौरा ऐसे वक़्त पर हो रहा है जब मगंलवार को अरियल शेरॉन और महमूद अब्बास के बीच मिस्र में बातचीत होनी है.
महमूद अब्बास के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाक़ात होगी लेकिन इस बैठक में सिर्फ़ फ़लस्तीनी और इसराइली नेता होंगे, राइस वहाँ नहीं होंगी. अमरीका के विदेश मंत्री का पद संभालने के बाद राइस की यह पहली मध्य पूर्व यात्रा है. फ़लस्तीनी क़ैदी उधर कोंडोलीज़ा राइस की यात्रा से पहले इसराइल और फ़लस्तीनी अधिकारियों में संयुक्त समिति बनाकर फ़लस्तीनी क़ैदियों के मुद्दे पर बातचीत करने पर सहमति हो गई है. यह संयुक्त समिति इस मुद्दे पर बात मंगलवार को इसराइली और फ़लस्तीनी नेताओं के बीच बैठक के बाद करेगी. इससे पहले इसराइल ने कहा था कि उन फ़लस्तीनियों को रिहा नहीं किया जाएगा जिनपर हमले करने के आरोप हैं. इससे दोनो पक्षों में मतभेद पैदा हो गए थे और ऐसा लगता था कि इनका असर शिखर बैठक पर भी पड़ सकता. |
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